फलोदी शहर के एक निजी अस्पताल में शुक्रवार को प्रसव के करीब दो घंटे बाद महिला और उसके नवजात बेटे की मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। जन्म के दो घंटे बाद मां-बेटे की मौत जानकारी के अनुसार, भोपालगढ़ क्षेत्र के रहने वाले सुखाराम अपनी पत्नी राधा (37) के साथ लोहावट में रहते हैं। गुरुवार को प्रसव पीड़ा होने पर राधा को फलोदी के महादेव हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे राधा ने बेटे को जन्म दिया। इसके करीब दो घंटे बाद ज्यादा खून बहने और सांस लेने में परेशानी के कारण उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। नवजात बेटे की भी मौत हो गई। परिजनों ने कार्रवाई से किया इनकार राधा की पहले से सात बेटियां हैं। इनमें एक दिव्यांग है। सबसे बड़ी बेटी 19 साल की और सबसे छोटी डेढ़ साल की है। घटना की सूचना मिलने पर सीआई नरेश निर्वाण पुलिस टीम के साथ अस्पताल पहुंचे। शुक्रवार शाम करीब 7 बजे परिजनों ने लिखित में दिया कि वे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते और इलाज में लापरवाही नहीं हुई। इसके बाद पुलिस ने महिला और नवजात के शव परिजनों को सौंप दिए। इनका ये कहना उम्र बढ़ने और कई प्रसव से गर्भाशय की मांसपेशियों के सिकुड़ने व ढीले होने की क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में प्रसव के दौरान खून ज्यादा बह जाता है। यह महिला के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। इतनी उम्र और इतने प्रसव के बाद फिर प्रसव वैसे भी खतरनाक है। डॉ. सीमा शर्मा (स्त्री रोग विशेषज्ञ)