झालावाड़ के पीपलोदी में दुखान्तिका की पहली बरसी पर शनिवार को राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल में भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ की मौजूदगी में दिवंगत विद्यार्थियों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर 24 मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि से सम्मानित किया गया, सभी विद्यार्थियों को स्कूल बैग व चप्पलें वितरित की गईं तथा दिवंगत बच्चों की स्मृति में पौधरोपण कर उनकी याद को चिरस्थायी बनाने का संकल्प लिया गया। प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों से संवाद जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ सुबह स्कूल पहुंचे और प्रार्थना सभा में शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर संवाद किया। इसके बाद दिवंगत विद्यार्थियों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन धारण किया। 24 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान गत शैक्षणिक सत्र में कक्षा 1 से 8 तक प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले कुल 24 विद्यार्थियों को क्रमशः 5,000, 3,000 और 2,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया। साथ ही स्कूल के सभी विद्यार्थियों को स्कूल बैग तथा भामाशाह के सहयोग से चप्पलें वितरित की गईं। स्मृति में पौधरोपण, गूंजीं प्रार्थनाएं कार्यक्रम के बाद जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी स्कूल वाटिका पहुंचे, जहां पीपलोदी दुखान्तिका में दिवंगत हुए विद्यार्थियों की स्मृति में पौधरोपण किया गया। श्रद्धांजलि सभा में 'रघुपति राघव राजा राम' और 'इतनी शक्ति हमें देना दाता' का सामूहिक गायन हुआ। इसके बाद पुनः दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अभिभावकों के प्रति संवेदना, पुष्पांजलि अर्पित सभा में दिवंगत विद्यार्थियों के अभिभावकों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने दिवंगत विद्यार्थियों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के समापन पर सभी विद्यार्थियों को फल वितरित किए गए। ये रहे मौजूद कार्यक्रम में मनोहरथाना विधायक गोविंद रानीपुरिया, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार बुडानिया, उप वन संरक्षक सागर पंवार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी शंभूदयाल मीणा, उपखंड अधिकारी पुष्कर कुमार मित्तल, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी रामसिंह मीणा, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक कल्याणमल वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) हेमराज पारेता, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) पवन पाटीदार, विकास अधिकारी कंचन बोहरा, तहसीलदार माधोलाल बैरवा, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, सीबीईओ स्टाफ, शिक्षक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। आज ही दिन हुआ था दुखद हादसा, 7 मासूमों की गई थी जान 25 जुलाई 2025 को राजस्थान के झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल में यह दर्दनाक हादसा हुआ, जब स्कूल भवन की एक मंजिला इमारत की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में सात मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि 21 अन्य छात्र घायल हो गए। यह घटना उस समय हुई, जब बच्चे सुबह की प्रार्थना के लिए एकत्रित हो रहे थे। छत गिरते ही बच्चों में चीख-पुकार मच गई हादसे के समय स्कूल भवन में लगभग 40 से 60 छात्र मौजूद थे। छत गिरते ही बच्चों में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीण, स्कूल स्टाफ और प्रशासनिक टीमों ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया और मलबे में दबे बच्चों को बाहर निकाला। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया, जहां कुछ बच्चों की हालत गंभीर बताई गई। बारिश के कारण भवन पर बढ़ा दबाव प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि हादसे से पहले क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण भवन की कमजोर संरचना पर अतिरिक्त दबाव पड़ा था। साथ ही, स्कूल भवन की जर्जर स्थिति को लेकर पहले भी चिंताएं जताई गई थीं। हादसे के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए और प्रथम दृष्टया लापरवाही मानते हुए स्कूल के पांच शिक्षकों को निलंबित कर दिया। हादसे के बाद जागा प्रशासन यह दुर्घटना राजस्थान के सबसे दर्दनाक स्कूली हादसों में से एक मानी गई, जिसने स्कूल भवनों की सुरक्षा, समय पर मरम्मत और सरकारी स्कूलों के आधारभूत ढांचे की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इसके बाद राज्य सरकार ने घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई और प्रदेशभर के पुराने एवं जर्जर स्कूल भवनों का सर्वेक्षण कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए।