1.80 लाख रुपए महीने की नौकरी छोड़कर साधना का रास्ता अपनाने वाली महिला प्रोफेसर गरिष्मा परिहार ने दबंगों पर मारपीट के आरोप लगाए हैं। जयपुर के सेज थाना क्षेत्र में भंभोरिया के पास झांई गांव स्थित पीतांबरा माई पीठ की महिला गादीपति गरिष्मा परिहार का आरोप है कि कुछ लोगों ने धमकियां दीं और मंदिर में पूजा-पाठ और यज्ञ-हवन में बाधा पहुंचाई। मामले में सेज थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। गरिष्मा का कहना है कि नवरात्रि के दौरान मंदिर पर ताला लगा दिया गया, जिसके चलते वह मंदिर खुलवाने के लिए पुलिस अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं। स्किल यूनिवर्सिटी में एचओडी की नौकरी छोड़ी उत्तर प्रदेश के झांसी की रहने वाली गरिष्मा परिहार ने बताया- मैं पढ़ी लिखी हूं। आगरा यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। 14 साल का अनुभव है। जयपुर की एक स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट डायरेक्टर, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट के पद पर काम करती थी। इस दौरान मेरा पीतांबरा माई मंदिर जाना हुआ। मंदिर में आध्यात्मिक अनुभव के बाद मेरी आस्था गहरी होती चली गई। नौकरी छोड़कर सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, पूजा-पाठ और ध्यान-साधना को अपना जीवन समर्पित कर दिया। पीतांबरा माई पीठ पर पूजा को लेकर विवाद उन्होंने बताया- पिछले दिनों जयपुर के सेज थाना क्षेत्र में भंभोरिया के पास झांई गांव स्थित पीतांबरा माई पीठ में पूजा को लेकर मुझे परेशान किया जा रहा है। गांव के लोग धमकियां दे रहे हैं। गरिष्मा का कहना है कि मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने के बाद विवाद की स्थिति बनने लगी। अब नवरात्रि के दौरान मंदिर पर ताला लगा होने से पूजा-पाठ में परेशानी हो रही है। मंदिर खुलवाने के लिए वह गादीपति के रूप में पुलिस थाने से लेकर डीसीपी कार्यालय और पुलिस कमिश्नर कार्यालय तक गुहार लगा रही हूं। 12 अक्टूबर की घटना, सीसीटीवी फुटेज भी दी इस मामले में मैंने 13 अक्टूबर को सेज पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। एफआईआर में ताराचंद सैनी का नाम आरोपी के रूप में दर्ज है। शिकायत के मुताबिक, 12 अक्टूबर को गरिष्मा परिहार पीतांबरा माई मंदिर में पूजा करने पहुंचीं तो वहां कुछ लोगों के साथ विवाद हो गया। लोगों ने मारपीट, गाली-गलौज की गई। पूजा-पाठ, यज्ञ-हवन में विघ्न डालने के आरोप लगाए हैं। मामले में आरोपों की जांच की जा रही है। मंदिर खुलवाने के लिए अधिकारियों से गुहार गरिष्मा परिहार का कहना है कि मंदिर का ताला खुलवाने और पूजा-पाठ फिर से शुरू कराने के लिए वह लगातार पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर रही हूं। उनके साथ सनातन संगठनों से जुड़े कुछ लोग भी समर्थन में सामने आए हैं। हालांकि, मंदिर पर ताला लगाए जाने की परिस्थितियों और उसे खुलवाने को लेकर प्रशासन की कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। फिलहाल, मंदिर में पूजा को लेकर विवाद और महिला गादीपति की शिकायत के बीच सभी की निगाहें पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।