हौसले और हुनर के दम पर शारीरिक चुनौतियों को पीछे छोड़ दिल्ली के वैभव गौतम शतरंज की बिसात पर अपनी पहचान बना रहे हैं। वे न बोल सकते हैं और न चल सकते हैं, लेकिन अपनी रणनीति से प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर देते हैं। उदयपुर में चल रही एनएल पंडियार लेकसिटी ओपन इंटरनेशनल शतरंज प्रतियोगिता में भी वे अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। वैभव इशारों के जरिए अपनी चालें चुनते हैं। वैभव के पिता मनोज गौतम ने बताया कि उनका बेटा बचपन से दिव्यांग है। इसके बावजूद उसने शतरंज को अपना जुनून बनाया। वैभव 2017 से इंटरनेशनल स्तर पर खेल रहे हैं। वे कई खिताब जीत चुके हैं और उनकी वर्तमान रेटिंग 1723 है। प्रतियोगिता में 5 राउंड के बाद उनके खाते में 3 अंक हैं। स्पर्धा में देशभर के कई रेटेड खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। पिता रहते हैं साथ, बढ़ाते हैं हौसला वैभव की शतरंज यात्रा में पिता मनोज गौतम की अहम भूमिका है। वे प्रतियोगिताओं में बेटे के साथ जाते हैं और उसका हौसला बढ़ाते हैं। वैभव का संघर्ष और खेल के प्रति समर्पण बताता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और परिवार का साथ मुश्किलों के बीच भी आगे बढ़ने की राह बनाते हैं। 5 खिलाड़ी 5 अंक लेकर संयुक्त बढ़त पर इधर, 9वीं एनएल पंडियार मेमोरियल लेकसिटी इंटरनेशनल फिडे रेटिंग ओपन शतरंज टूर्नामेंट में खिताबी दौड़ रोमांचक हो गई है। पांचवें चक्र के बाद पांच खिलाड़ी 5 में से 5 अंक लेकर संयुक्त बढ़त पर हैं। प्रतियोगिता में 22 राज्यों और दो देशों के 500 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता में नौ चक्र होंगे। मुख्य निर्णायक सुनील सोनी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के फिडे मास्टर एस. धनंजय, उत्तर प्रदेश के श्रेयांश सिंह, महाराष्ट्र के आयुष काबरा, तेलंगाना के फिडे मास्टर विनय कुमार मट्टा सहित शीर्ष खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। महाराष्ट्र के शौर्य बागड़िया सहित 13 खिलाड़ी साढ़े चार अंक लेकर चुनौती दे रहे हैं। इनमें उदयपुर की वुमन कैंडिडेट मास्टर कियाना परिहार सहित विभिन्न राज्यों के खिलाड़ी शामिल हैं। छठे चक्र का उद्घाटन सुविवि के पूर्व कुलपति प्रो. आईवी त्रिवेदी, उमेश मनवानी और प्रवीण कुमार कोठारी ने पहली चाल चलकर किया। आयोजक विकास साहू ने बताया कि सातवां चक्र बुधवार सुबह 9:30 बजे होगा।