भास्कर न्यूज | बाड़मेर वैशाख पूर्णिमा की चांदनी रात में जिले में हुई वाटर होल पद्धति हुई गणना के आंकड़ों के अनुसार वन्यजीवों का कुनबा तेजी से फल-फूल रहा है। पिछले साल के मुकाबले इस बार वन्यजीवों की कुल संख्या में 18.80 फीसदी का इजाफा हुआ है। सबसे चौंकाने वाले और सुखद आंकड़े कृष्ण मृग के है। गत साल इनकी संख्या महज 19 थी, जो इस साल बढ़कर 121 तक के आंकड़े तक पहुंची। इनकी संख्या में रिकॉर्ड 536 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वन विभाग ने 1 मई शाम 5 बजे से 2 मई शाम 5 बजे तक लगातार 24 घंटे तक वन्य जीवों की वाटर प्वाइंट के पास गणना की। बाड़मेर और बालोतरा की 8 रेंजों में 39 वाटर प्वाइंट्स चिन्हित किए गए थे। 135 कर्मियों, वन मित्रों और विद्यार्थियों की टीम ने दूरबीन, कैमरों और मोबाइल के साथ मचानों पर बैठकर निगरानी की। सिवाना रेंज की सेवाली नाडी काले हरिणों का सबसे पसंदीदा ठिकाना बनकर उभरी है, यहां 121 काले हरिण देखे गए। शिव तहसील के 6, बाड़मेर तहसील के 7, सिवाना, बालोतरा, सिणधरी और चौहटन में 4-4, बायतु और धोरीमन्ना तहसील में 5-5 वाटर हॉल पर टीमें तैनात की थी। गणना में 36 गीदड़, 4 जरख, 40 मरु बिल्ली, 19 लोमड़ी, 104 मरु लोमड़ी सहित 203 मांसाहारी वन्य जीव देखे गए। सेही 219, खरगोश 60, 1 जंगली सूअर, लंगूर 9 पाए गए। पक्षियों में राष्ट्रीय पक्षी मोर 2990 से बढ़कर 3416 मिले हैं। इसमें 1451 नर, 1857 मादा, 143 बच्चे शामिल है। तीतर 296, बगुला 28, बया 36, टिटहरी 106, सैंड ग्राउज 120, फ्लेमिंगो 128 देखे गए। साण्डा 70, कछुआ 5, स्केल्ड वाइपर 6, नेवला 49 सहित कुल 486 रेपटाइल्स दिखे। गणना के दौरान 8475 वन्य जीव व पक्षी वाटर प्वांइट प्यास बुझाने पहुंचे। ^वैशाख पूर्णिमा पर हुई गणना में 18.80% की बढ़ोतरी वन्यजीव संरक्षण की दिशा में अच्छे संकेत हैं। विशेषकर काले हरिणों का 19 से बढ़कर 121 होना जिले के लिए बेहद सुखद है। - सविता दहिया, डीएफओ, बाड़मेर वन्यजीव 2025 की संख्या 2026 की संख्या वृद्धि दर (%)काले हरिण 19 121 53.6%नीलगाय 1291 1706 32.14%मोर 2990 3461 15.75%चिंकारा 1618 1851 14.40%