प्रतापगढ़ में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को गृह मंत्री अमित शाह के बयान के विरोध में प्रदर्शन किया। शहर के गांधी चौराहे पर कार्यकर्ताओं ने अमित शाह का पुतला जलाया और राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। संसद में चर्चा के दौरान की गई टिप्पणी का विरोध ज्ञापन में बताया गया कि 30 मार्च को संसद में वामपंथी उग्रवाद पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री ने बांसवाड़ा-डूंगरपुर के सांसद राजकुमार रोत को लेकर टिप्पणी की थी। पार्टी का आरोप है कि यह टिप्पणी न केवल एक जनप्रतिनिधि की गरिमा के खिलाफ है, बल्कि आदिवासी समुदाय की भावनाओं को भी आहत करती है। पार्टी ने गृहमंत्री की टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार, सांसद राजकुमार रोत ने संसद में आदिवासी समाज के अधिकारों, जल-जंगल-जमीन के मुद्दों और संविधान में दिए गए प्रावधानों जैसे पांचवीं-छठी अनुसूची, पेसा कानून और फॉरेस्ट राइट एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग उठाई थी। पार्टी ने ऐसी टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। भारत आदिवासी पार्टी के जिलाध्यक्ष मुकेश ने कहा कि इस बयान से पूरे आदिवासी समाज में आक्रोश है। ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से मांग की गई है कि गृह मंत्री अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण दें। इसके अलावा, संसद की कार्यवाही से उक्त टिप्पणी को हटाया जाए और भविष्य में किसी भी समुदाय या जनप्रतिनिधि के प्रति ऐसी टिप्पणी न हो, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।