प्रतापगढ़ में कमल मीणा एक महीने से जिला अस्पताल के बाहर धरने पर हैं। वह अस्पताल में सोनोग्राफी, साफ-सफाई और मरीजों से पैसे लेने जैसी अव्यवस्थाओं के खिलाफ सवाल उठा रहे हैं। मीणा का आरोप है कि सोनोग्राफी मशीन होने पर भी मरीजों को निजी सेंटरों पर जांच करवानी पड़ती है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। उन्होंने अस्पताल में गंदगी और मरीजों से पैसे लेने के मामलों पर भी चिंता जताई है। मीणा ने मुख्यमंत्री के प्रतापगढ़ दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि अगर एक दिन में व्यवस्थाएं सुधर सकती हैं, तो सामान्य दिनों में क्यों नहीं। उन्होंने पुलिस पर हिरासत में मारपीट का आरोप भी लगाया है। जिला अस्पताल के पीएमओ आलोक यादव ने बताया कि प्रशासन को सौंपे गए कागजात पर अस्पताल ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर ऐसा कोई मामला नहीं है। सोनोग्राफी, डॉक्टरों की नियुक्ति और सफाई सुधार की मांगों का जवाब प्रशासन को भेजा गया है।