प्रतापगढ़ के सालमगढ़ थाना क्षेत्र के दलोट गांव में 12 दिन पहले कुएं में मिले शव के मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके पड़ोसी को गिरफ्तार किया है। दोनों ने मध्य प्रदेश के मंदसौर से 5 लाख रुपए में तीन सुपारी किलर बुलावाए थे। पुलिस अब फरार तीनों सुपारी किलर की तलाश कर रही है। कुएं में बोरे में बंद मिला था शव सालमगढ़ थाना अधिकारी दीपक कुमार ने बताया- 26 जून को दलोट स्थित खेड़ापति मंदिर के पास एक कुएं में बोरे में बंद शव मिला था। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। शव की पहचान भचुंडला निवासी शंकरलाल मीणा के रूप में हुई। मृतक की बेटी ने शव की शिनाख्त की। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक की पत्नी तुलसीबाई की रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज किया गया। मामले में पुलिस ने तीन टीमों का गठन किया। पुलिस ने परिजनों, पड़ोसियों और आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन शुरुआत में कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसके बाद 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। शराब पीकर करता था मारपीट पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक शंकरलाल शराब पीकर अक्सर अपनी पत्नी तुलसीबाई से मारपीट करता था। उसके दूसरी महिलाओं से भी अवैध संबंध थे, जिससे तुलसीबाई परेशान थी। इसी दौरान उसका पड़ोसी वाहिद कुरैशी से संपर्क बढ़ा और दोनों ने मिलकर शंकरलाल को रास्ते से हटाने की साजिश रची। करीब दो महीने पहले तुलसीबाई और वाहिद ने मध्य प्रदेश के मंदसौर क्षेत्र के तीन सुपारी किलरों से 5 लाख रुपए में हत्या का सौदा तय किया था। इसके अलावा, तुलसीबाई ने वाहिद कुरैशी को आधा बीघा जमीन देने और अपने मकान में एक कमरा बनवाकर देने का भी वादा किया था। पत्नी-पड़ोसी की मौजूदगी में की हत्या 24 जून को तीनों सुपारी किलर शंकरलाल के घर पहुंचे, तीनों ने पत्नी और वाहिद की मौजूदगी में उसकी हत्या कर दी गई। वारदात के बाद शव को बोरे में बंद कर दलोट के खेड़ापति मंदिर के पास स्थित कुएं में फेंक दिया। हत्या को दुर्घटना या गुमशुदगी का रूप देने के लिए आरोपियों ने शंकरलाल की बाइक करीब तीन किलोमीटर दूर ले जाकर छोड़ दी। पुलिस ने मामले में मृतक की पत्नी तुलसीबाई और पड़ोसी वाहिद कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में शामिल तीनों सुपारी किलर अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।