कस्बे के समीपवर्ती रामगढ़ स्थित तलाई वाले हनुमान मंदिर परिसर में रविवार को किसान महापंचायत की ओर से रामगढ़-रेलावन खंड के किसानों का वन विहार कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान किसान महापंचायत की बैठक भी हुई। जिसमें किसानों की फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद, कर्ज माफी और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। किसान महापंचायत के प्रदेश संयोजक सत्यनारायण सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसलों का एमएसपी पर खरीद की कानूनी गारंटी देने, किसानों का कर्ज माफ करने और खेतों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है, लेकिन इन किसानों ने मक्का की खरीद 2410 रुपए प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर शुरू करने की मांग की है। इस मांग को लेकर किसानों ने केंद्र और राज्य सरकार को ज्ञापन देने का निर्णय लिया। जिलाध्यक्ष नरेंद्र चौहान, जिला उपाध्यक्ष जगदीश सिंह अटवाल और जिला महामंत्री प्रताप शर्मा ने कहा कि प्रदेश चुनाव के दौरान गेहूं की खरीद 2700 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से करने तथा किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाकर 12 हजार रुपए सालाना करने का वादा किया गया था। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि इन वादों पर अभी तक अपेक्षित अमल नहीं हुआ है। प्रदेश संयोजक सत्यनारायण सिंह ने कहा कि उद्योगपतियों के बड़े कर्ज माफ किए जा रहे हैं। किसानों को भी आर्थिक संकट से राहत देने के लिए कर्जमाफी जैसे कदम उठाए जाने चाहिए। कार्यक्रम में संभाग अध्यक्ष बालकिशोर पांचाल, जिला उपाध्यक्ष कृष्णचंद्र शर्मा, जिला मंत्री रमेशचंद्र मीणा, तहसील अध्यक्ष सत्यनारायण मीणा, विधानसभा प्रभारी छीतरसिंह हाड़ा, तहसील प्रभारी धर्मसिंह मीणा, जिला उपाध्यक्ष कृपाल सिंह, खंड प्रमुख राधेश्याम मालव, तहसील महामंत्री राजा शर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान सदस्य मौजूद थे।