श्राद्ध पक्ष में सुस्त पड़े जयपुर के प्रॉपर्टी बाजार में नवरात्र के बाद से जबरदस्त रौनक है। 15 सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में दस्तावेजों के पंजीयन में भारी उछाल देखने को मिला है। नवरात्र के 15 दिनों में करीब 9 हजार प्रॉपर्टियों और 6 हजार लोन के दस्तावेजों का पंजीयन हुआ। यानी प्रतिदिन औसतन 1000 दस्तावेज रजिस्टर्ड हुए, जिससे सरकार को करीब 450 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। राजस्थान स्टांप वेंडर एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश झालानी और एडवोकेट देवेंद्र यादव के अनुसार, रजिस्ट्री की बढ़ती संख्या जयपुर के तेजी से हो रहे शहरी विस्तार का परिणाम है। जयपुर एक प्रमुख एजुकेशन, मेडिकल और कोचिंग हब बन चुका है। इसके अलावा, रेल-एयर और हाईवे के जरिए देश के बड़े शहरों से सीधी कनेक्टिविटी है। श्राद्ध पक्ष के 15 दिन : 2,925 प्रॉपर्टी दस्तावेजों की रजिस्ट्री हुई व 4,000 लोन मामले स्वीकृत हुए। नवरात्र से 15 दिन : 9,000 प्रॉपर्टी रजिस्ट्री और 6,000 लोन दस्तावेजों का पंजीयन हुआ। 200% वृद्धि श्राद्ध पक्ष की तुलना में टियर-2 में रियल एस्टेट का हॉट स्पॉट देश के रियल एस्टेट बाजार में जयपुर तेजी से उभरता टियर-2 शहर है। क्रेडाई और रियल एस्टेट रिसर्च फर्म लाइसेंस फोरास की रिपोर्ट के अनुसार, जयपुर में आवासीय संपत्तियों की कीमतों में 5 सालों में 5.3% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। साल 2024 में जयपुर में 9,758 नई आवासीय इकाइयों की बिक्री हुई थी, जो 2025 में बढ़कर 10,271 तक पहुंच गई। जयपुर में घर यानी फायदे का सौदा क्रेडाई राजस्थान अध्यक्ष रवींद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अगर देश के प्रमुख शहरों से तुलना में जयपुर में घर खरीदना आज भी फायदे का सौदा है। जयपुर में 1,000 वर्गफुट के फ्लैट की औसत कीमत लगभग 64.3 लाख है। यह अहमदाबाद से तो महंगा है, लेकिन बेंगलुरु, हैदराबाद और गुरुग्राम जैसे शहरों से काफी सस्ता है।