बूंदी जिले के रायथल थाना क्षेत्र के बंबोरी गांव में भूमि विवाद को लेकर हुए झगड़े में घायल एक व्यक्ति की सोमवार रात मौत हो गई। यह घटना करीब 22 दिन पहले 16 मार्च को हुई थी। इस लाठी-भाटा जंग में 3 लोग घायल हुए थे, जिनमें से एक दुर्गालाल बैरवा ने दम तोड़ दिया। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग की कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक शव का पोस्टमॉर्टम नहीं करवाया जाएगा। पुलिस ने मृतक की पहचान दुर्गालाल बैरवा के रूप में की है। पुलिस का कहना है कि मौत की असली वजह जानने के लिए शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। बेटा बोला- धारदार हथियार से हुआ था हमला मृतक के पुत्र सुनील बैरवा ने आरोप लगाया कि उनके पिता और ताऊ पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। उनके पिता के सिर में गंभीर चोट आई थी, जिसके लिए 15 टांके लगे थे। सुनील के अनुसार, पुलिस ने इस गंभीर मामले को सामान्य बताकर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया, जिसके कारण उनके पिता की चोटों के चलते मौत हो गई। रायथल थाना प्रभारी हरलाल ने बताया कि इस मामले में 16 मार्च की रात को ही एफआईआर दर्ज कर ली गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्गालाल की मौत सिर की चोट से हुई है या किसी अन्य कारण से, यह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा। डीएसपी अशोक जोशी ने बताया कि बंबोरी गांव में बैरवा समाज का एक मंदिर है, जिसके पास एक खाली भूखंड है। मृतक दुर्गालाल बैरवा का मकान भी इसी भूखंड के पास है। जांच में सामने आया है कि दुर्गालाल और दूसरे पक्ष के लोगों के बीच इस खाली भूखंड को लेकर विवाद चल रहा था। कुछ लोग इस भूखंड से मंदिर की सीढ़ियां बनवाना चाहते थे, इसी बात पर 16 मार्च की रात दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ था।