अतिरिक्त जिला कलेक्टर भुवनेश्वर सिंह चौहान की अध्यक्षता में बुधवार को जिला कलेक्टर सभागार में जिला स्तरीय शिक्षा विभागीय निष्पादन समिति की बैठक हुई। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी देवाराम प्रजापत, महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक नितीन गहलोत सहित जिले के सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे। इन मुद्दों पर की चर्चा बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़े जिला एवं ब्लॉक रैंकिंग, आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान, प्रवेशोत्सव, मिड-डे मील योजना, पन्नाधाय बाल गोपाल दूध योजना, आधार एवं जनाधार प्रमाणीकरण की स्थिति, परीक्षा परिणाम, यू-डाइस प्रगति और विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर चर्चा की। अतिरिक्त जिला कलेक्टर भुवनेश्वर सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्रॉपआउट बच्चों के कारणों का गहन विश्लेषण कर उन्हें जल्द स्कूलों में वापस नामांकित किया जाए, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों (सीबीईओ) को स्कूलों में विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और शारीरिक और मानसिक विकास के लए नवाचारों को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए। चौहान ने प्राचार्यों को निर्देश दिया कि कमजोर विद्यार्थियों के लिए अलावा कक्षाओं का संचालन कर शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम सुनिश्चित करें। आधार-जनाधार वेरिफिकेशन पर जोर दिया बैठक में आधार एवं जनाधार वेरिफिकेशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए चौहान ने इस काम में तेजी लाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि राज्य सरकार द्वारा डीबीटी के माध्यम से दी जा रही सहायता राशि समय पर विद्यार्थियों तक पहुंच सके। उन्होंने अभियान चलाकर 15 मई तक 100 प्रतिशत वेरिफिकेशन पूरा करने के निर्देश दिए। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों को जर्जर कक्षाओं में नहीं बैठाया जाए। नामांकन स्थिति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि सत्र 2026-27 में जिले में कुल नामांकन 1.81 लाख से अधिक है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में नामांकन शॉर्टफॉल को दूर करने के लिए विशेष प्रयासों की आवश्यकता है।