चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 23 से 27 अक्टूबर तक हुए जूनियर नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में राजस्थान की धाविका दीपिका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। दीपिका ने 1000 मीटर की दौड़ 2 मिनट 55.22 सेकंड में पूरी कर पहला स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में तमिलनाडु की ए. थनिष्का अंबरास ने 2 मिनट 55.37 सेकंड का समय निकालकर रजत पदक जीता, जबकि हरियाणा की खुशी शर्मा 2 मिनट 55.86 सेकंड के साथ कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं। दीपिका ने कड़े मुकाबले में दोनों धाविकाओं को पीछे छोड़कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। तीन साल से श्रीगंगानगर में कर रही हैं अभ्यास दीपिका मूल रूप से सीकर जिले के लोसल गांव की रहने वाली हैं और खालसा कॉलेज में बीए की छात्रा हैं। वह पिछले तीन सालों से श्रीगंगानगर के महाराजा गंगासिंह स्टेडियम में एथलेटिक्स कोच सुरेंद्र बिश्नोई के अंडर प्रैक्टिस कर रही हैं। इससे पहले भी दीपिका अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं। उन्होंने रांची में आयोजित नेशनल क्रॉस कंट्री प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता था। वहीं, लुधियाना में आयोजित अंडर-18 यूथ नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 1000 मीटर दौड़ में 2 मिनट 54 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक हासिल किया था। भाई-बहन भी नेशनल खिलाड़ी दीपिका की सफलता में परिवार का सहयोग भी अहम रहा है। उनकी दो बड़ी बहनें और एक छोटा भाई भी नेटबॉल में राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं। परिवार में खेलों के प्रति रुचि ने दीपिका को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। दीपिका के पिता अशोक कुमार ई-मित्र केंद्र संचालित करते हैं। इसी से परिवार की आजीविका चलती है। अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों की खेल प्रतिभा को पहचाना और उन्हें खेलों से जोड़ने के लिए गांव में ही अभ्यास करवाया। दीपिका की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें श्रीगंगानगर में कोच सुरेंद्र बिश्नोई के पास प्रशिक्षण के लिए भेजा। जहां पिछले तीन साल से दीपिका श्रीगंगानगर में रहकर नियमित रूप से अभ्यास कर रही हैं।