प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को राजस्थान दौरे पर रहेंगे। प्रधानमंत्री कल बालोतरा जिले की पचपदरा रिफाइनरी का लोकार्पण करेंगे। लोकार्पण के दौरान प्रधानमंत्री परियोजना का निरीक्षण करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री जोधपुर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का लोकार्पण करेंगे, साथ ही उड़ान योजना के दूसरे चरण की शुरुआत करेंगे। मुख्यमंत्री बोले- कल का दिन राजस्थान के लिए बड़ा दिन उद्घाटन से एक दिन पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शुक्रवार शाम को पचपदरा रिफाइनरी पहुंचे। यहां उन्होंने तैयारियों को समीक्षा की और पौधा लगाया। मुख्यमंत्री ने एचपीसीएल के नए आउटलेट का उद्घाटन भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा-प्रधानमंत्री कल यहां आ रहे हैं और अभी बारिश हो रही है, ये शुभ संकेत है। कल का दिन राजस्थान के इतिहास में बहुत बड़ा दिन है। 17 जनवरी 2018 को प्रधानमंत्री ने जिस रिफाइनरी की नींव रखी थी, अब उसका उद्घाटन होने वाला है। उस समय प्रधानमंत्री ने कहा था कि ये राजस्थान की तकदीर और तस्वीर दोनों बदलेगी। कल कई सौगातें यहां मिलने वाली है। दोपहर 12 से 2 बजे तक प्रधानमंत्री पचपदरा में रहेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह 9:30 बजे दिल्ली से रवाना होकर 10:40 बजे जोधपुर वायुसेना एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से वे पुराने टर्मिनल के रास्ते नए एयरपोर्ट टर्मिनल भवन पहुंचेंगे। करीब 20 मिनट के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री दो मिनट की वीडियो प्रस्तुति देखेंगे, नए टर्मिनल का अवलोकन करेंगे और प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा विधायकों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री सुबह 11:20 बजे हेलिकॉप्टर से पचपदरा के लिए रवाना होंगे और दोपहर करीब 12 बजे रिफाइनरी परिसर पहुंचेंगे। यहां वे राजस्थान रिफाइनरी परियोजना का लोकार्पण कर इसे राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसके बाद परियोजना का निरीक्षण करेंगे और विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। लगभग दो घंटे के कार्यक्रम के बाद वे दोपहर 2 बजे पचपदरा से रवाना होंगे। गेट नंबर-7 से होगी आमंत्रितों की एंट्री प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष डायवर्जन प्लान लागू किया है। आमंत्रितों के वाहनों की पार्किंग गेट नंबर-7 पर बनाई गई है, जहां करीब 3 हजार वाहनों की पार्किंग क्षमता है। पार्किंग स्थल से कार्यक्रम स्थल तक शटल बस सेवा उपलब्ध रहेगी और आमंत्रितों का प्रवेश भी गेट नंबर-7 से कराया जाएगा। प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। जोधपुर रेंज के आईजी सत्येंद्र सिंह के अनुसार कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात किए गए हैं। ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग, सुरक्षा जांच और भीड़ नियंत्रण के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। देश की सबसे हाईटेक रिफाइनरी यह रिफाइनरी HPCL (74%) और राजस्थान सरकार (26%) का संयुक्त उपक्रम है। 15 साल के लंबे इंतजार और ₹42,229 करोड़ की अतिरिक्त लागत (शुरुआती लागत से तुलना) के बाद अब यह रेगिस्तान की तस्वीर बदलने को तैयार है। पचपदरा रिफाइनरी की सबसे बड़ी खासियत इसका नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स (NCI) है। यह लगभग 17 है। तकनीकी भाषा में इसका मतलब है कि यह देश की सबसे उन्नत, हाई-कन्वर्जन रिफाइनरी है। यह दुनिया के किसी भी कोने से आने वाले भारी, निम्न गुणवत्ता (लो क्वालिटी) वाले कच्चे तेल को भी बेशकीमती पेट्रोल, डीजल, पेट्रोकेमिकल में बदलने की क्षमता रखती है। आत्मनिर्भर भारत का जीवंत उदाहरण देते हुए इस रिफाइनरी के अधिकांश रिएक्टर, कॉलम, भारी टैंक भारत में ही बने हैं। इसका दिमाग यानी कंट्रोल सिस्टम, हाई-प्रेशर कंप्रेसर के लिए अमेरिका, जापान, यूरोप की तकनीक का सहारा लिया गया है। इसकी फिनिशिंग, वेल्डिंग की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर की बनाए रखने के लिए नीदरलैंड के तकनीशिय ने पचपदरा की तपती धूप में पसीना बहाया है। खास हीटिंग पाइपलाइन बिछाई गई कच्चे तेल की प्रकृति वैक्सी (मोम जैसी) होती है। इसे पाइपलाइन में जमने से रोकने के लिए मुंद्रा (गुजरात) से पचपदरा तक एक विशेष हीटिंग पाइपलाइन बिछाई गई है। इसमें जगह-जगह हीटिंग स्टेशन, थर्मल इंसुलेशन लगाया गया है। इससे तेल का तापमान बना रहेगा। इस मेगा प्रोजेक्ट के पीछे दुनिया के सबसे बड़े तकनीकी दिमाग काम कर रहे हैं। इंजीनियर्स इंडिया इसकी कमान संभाल रही है। लमस टेक्नोलॉजी, यूओपी, यूनिवेशन टेक्नोलॉजीज जैसी ग्लोबल कंपनियों ने अपनी पेट्रोकेमिकल, क्रैकर यूनिट्स की तकनीक प्रदान की है। लाखों टन स्ट्रक्चरल स्टील और विशेष एलॉय स्टील से स्ट्रक्चर बनाए गए हैं। हजारों किलोमीटर की केबलिंग और मोटरों में कॉपर का अधिक उपयोग किया गया है, जिससे वायरिंग फ्रिक्वेंसी मजबूत रहे। रिफाइनरी शुरू होते ही राजस्थान भी मजबूती से आर्थिक क्षेत्र में उभरेगा। रिफाइनरी से प्रोडक्शन शुरू होने के बाद राजस्थान केवल कच्चा तेल निकालने वाला राज्य नहीं रहेगा। वह उसे प्रोसेस कर वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट (जैसे पॉलीप्रोपाइलीन और पॉलिमर) बनाने वाला हब बन जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर प्लास्टिक, केमिकल उद्योगों की बाढ़ आएगी।