सुबह उठते ही हम सब कैलेंडर तो देखते हैं, लेकिन अब राजस्थान के किसान उस कैलेंडर से खेती का पूरा गणित सुलझा लेंगे। जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय ने एक अनोखा चंद्र आधारित कृषि कैलेंडर लॉन्च कर दिया है। ये कैलेंडर चांद की चाल के अनुसार बुवाई, सिंचाई, कटाई, कीट नियंत्रण और पशुपालन तक का सटीक समय बताएगा। इससे खेती किसानी कर रहे किसानों को फायदा होगा। क्यों है ये कैलेंडर खास? कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि चंद्रमा का प्रभाव मिट्टी और पानी दोनों पर पड़ता है, जो फसलों की बढ़वार को सीधा प्रभावित करता है। अब किसान प्राकृतिक चक्र के साथ तालमेल बिठाकर खेती को न सिर्फ आसान बल्कि अधिक लाभकारी बना सकेंगे। हमने सदियों पुराने पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़कर ये कैलेंडर तैयार किया है। ये किसानों के लिए नई सोच और नई दिशा लेकर आया है।इसमें पूरे साल भर में खेती किसानी किस प्रकार से करें इसको लेकर जानकारी दी गई है।-कुलगुरु प्रो. वी.एस. जैतावत इसमें क्या-क्या है? किसान अब महीनों पहले से तैयारी कर सकेंगे, समय का बेहतर उपयोग कर सकेंगे और नवाचार के साथ खेती को नई ऊंचाई दे सकेंगे। खास बात यह है कि यह पहल किसानों को प्रकृति के करीब लाकर उन्हें पारंपरिक ज्ञान की अहमियत भी समझाती है। ऐसे में यह चंद्र आधारित कृषि कैलेंडर आने वाले समय में खेती के तौर-तरीकों को बदलने में एक अहम भूमिका निभा सकता है।