नवरात्रि में गरबा और डांडिया के दौरान महिलाओं से छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार करने वालों की अब खैर नहीं है। डांडिया की धूम के बीच महिलाओं की सुरक्षा के लिए राजस्थान पुलिस ने ‘शक्ति सुरक्षा अभियान’ शुरू किया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर प्रदेशभर में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत गरबा-डांडिया पांडालों में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट तैनात की गई है। छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार करने वालों को पकड़ने के लिए डिकॉय ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। इस दौरान महिला पुलिसकर्मी वर्दी के साथ-साथ सादे कपड़ों में भी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। वहीं पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक 5 आरोपियों को छेड़छाड़ मामले में गिरफ्तार कर लिया है। गरबा-डांडिया में अभद्रता पर कालिका का प्रहार, 5 गिरफ्तार विद्याधर नगर स्टेडियम: महिलाओं पर अशोभनीय टिप्पणी करने पर ब्रेथ एनालाइजर मशीन से शराब की पुष्टि हुई और आरोपी विजय स्वामी (18) को गिरफ्तार किया। विद्याधर नगर स्टेडियम: महिलाओं पर अशोभनीय टिप्पणी करने और पुलिस टीम से अभद्रता व धमकी देने के आरोप में तीन युवक को गिरफ्तार किया। स्वर्ण जयंती पार्क: डांडिया कार्यक्रम में महिलाओं को परेशान करने, अशोभनीय इशारे करने और गाली-गलौज के मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया। पहले मामले के आरोपी: नमन पारीक (23), प्रणय दुबे (21) और विक्रम तंवर (33) और दूसरे मामले का आरोपी: अतीक खान (28) को गिरफ्तार किया है। एडीजी ने एसपी और पुलिस कमिश्नरेट को दिए निर्देश एडीजी कम्युनिटी पुलिसिंग एवं जन अभियोग लता मनोज कुमार ने अभियान के संबंध में सभी जिला पुलिस अधीक्षकों तथा जयपुर और जोधपुर पुलिस कमिश्नर एवं डीसीपी को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले आयोजन स्थलों पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रवेश द्वार से पार्किंग तक पुलिस की नजर गरबा-डांडिया आयोजनों में प्रवेश और निकास द्वारों पर पहचान-पत्र और डिजिटल पास की जांच की जा रही है। पार्किंग स्थलों और वहां से पांडाल तक आने-जाने वाले रास्तों पर भी निगरानी रखी जा रही है। बड़े आयोजनों में सीसीटीवी कैमरों के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। आयोजकों से सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए वॉलंटियर्स की सूची भी ली गई है, ताकि किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। महिला हेल्प डेस्क और हेल्पलाइन की जानकारी महिलाओं की सहायता के लिए प्रमुख आयोजन स्थलों पर महिला हेल्प डेस्क बनाई गई हैं। महिला हेल्पलाइन, राजकॉप और पुलिस से संपर्क करने के अन्य माध्यमों की जानकारी पोस्टर और क्यूआर कोड के जरिए उपलब्ध कराई जा रही है। ऑटो-टैक्सी चालकों को भी अभियान से जोड़ा महिलाओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ऑटो और टैक्सी चालकों को भी अभियान से जोड़ा गया है। उन्हें संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने के लिए जागरूक किया जा रहा है। सार्वजनिक परिवहन साधनों पर महिला सुरक्षा हेल्पलाइन के स्टीकर भी लगाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया से जागरूकता, एएसपी स्तर पर निगरानी पुलिस सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों से महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैला रही है। अभियान में युवा सीएलजी सदस्यों और सुरक्षा सखियों की मदद भी ली जा रही है। अभियान की निगरानी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी करेंगे। महिला सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली कालिका पेट्रोलिंग टीमों और महिला पुलिसकर्मियों को पुलिस मुख्यालय स्तर पर सम्मानित करने के लिए चयनित किया जाएगा। उत्सव के दौरान और घर लौटते समय भी सुरक्षा पर फोकस राजस्थान पुलिस का फोकस केवल गरबा-डांडिया कार्यक्रमों के दौरान ही नहीं, बल्कि आयोजन समाप्त होने के बाद महिलाओं और युवतियों की सुरक्षित घर वापसी पर भी है। अभियान के तहत पुलिस निगरानी, त्वरित सहायता और छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है, ताकि महिलाएं और युवतियां नवरात्रि के उत्सव में सुरक्षित माहौल में शामिल हो सकें।