राजस्थान हाईकोर्ट ने बीकानेर के गुड़ा गांव में राजस्व रिकॉर्ड की विवादास्पद पेंसिल प्रविष्टियां रद्द कर दी है। कोर्ट ने साफ किया कि भविष्य में इन जमीनों का आवंटन नियमानुसार होगा। मनफुल और अन्य स्थानीय निवासियों की याचिका में बताया गया कि 2007 में एक कंपनी को खसरा नंबर 258 पर लिग्नाइट खनन का पट्टा मिला था। पटवारी ने गलती से खसरा नंबर 1242/258 (675.01 बीघा) और 1244/258 (50 बीघा) को भी खनन पट्टे का हिस्सा दिखा दिया। यह जमीन 'गैर मुमकिन पहाड़, पर्वत, चारागाह' और वन विभाग की है। लाल स्याही की जगह पैंसिल से निशान लगाने से हुई गलती जिला कलेक्टर ने हलफनामे में बताया कि यह गलती पटवारी द्वारा लाल स्याही की जगह पैंसिल से निशान लगाने से हुई थी। कंपनी ने भी स्पष्ट किया कि वह सिर्फ अपने वैध क्षेत्र में खनन कर रही है। रिकॉर्ड देखने के बाद, हाईकोर्ट ने जमाबंदी में की गई पैंसिल प्रविष्टियों को रद्द कर दिया।