राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव में अनुसूचित जाति-जनजाति(SC-ST) के आरक्षण को चुनौती देने वाली अपील पर सुनवाई की। कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। हालांकि, कानूनी आधार पर अपील स्वीकार करते हुए राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है। अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी। यह आदेश चीफ जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की खंडपीठ ने दिया। अपील बालोतरा जिले की ग्राम पंचायत माजीवाला के वार्डों और सरपंच पद के आरक्षण को चुनौती देने वाले कांतिलाल ने दायर की थी। याचिकाकर्ता का आरोप है कि ग्राम पंचायत में अनुसूचित वर्ग के सिर्फ 14 मतदाता होने के बावजूद आरक्षण कर दिया गया। साथ ही आरक्षण के लिए बताई गई जनसंख्या को भी गलत बताया गया है। पहले एकलपीठ ने 9 अक्टूबर को याचिका खारिज की थी। अपील में तर्क दिया गया कि 3 अक्टूबर को सिर्फ चुनाव कार्यक्रम जारी हुआ था, चुनाव अधिसूचना नहीं। इसलिए याचिका सुनवाई के लायक थी। कानूनी सवालों पर विचार के लिए मानी अपील महाधिवक्ता ने कहा कि चुनाव कार्यक्रम जारी होने के साथ ही प्रक्रिया शुरू हो गई थी, जिससे दखल से चुनाव रुक सकते हैं। खंडपीठ ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया जारी है और इसे 17 नवंबर तक पूरा होना है। इसमें बाधा डालना ठीक नहीं होगा। हालांकि, कानूनी सवालों पर विचार के लिए अपील मान ली गई है।