जालोर जिले के भाद्राजून क्षेत्र में खसरा नंबर 697 और 698 के बीच रास्ते को लेकर विवाद सामने आया है, जहां रिकॉर्ड में गैर मुमकिन रास्ता होने के बावजूद एक खातेदार को लाभ देने के लिए उसे बरसाती नाला बताकर अतिरिक्त 6 मीटर चौड़ा रास्ता दिलवाने की कोशिश का आरोप लगाया गया है। पीड़ित अमीना पत्नी गुलाब मोहम्मद ने आहोर एसडीएम को कई बार ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं राजस्व रिकॉर्ड और मौके की स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं और आरआई ने दोनों पक्षों को शामिल करते हुए रिपोर्ट पेश की है। खसरा नंबर 697 और 698 में जमीन और रास्ते का विवाद भाद्राजून में खसरा नंबर 697 में अमीना पत्नी गुलाब मोहम्मद का खेत है, जिसके आगे पक्का रास्ता निकल रहा है। वहीं पीछे खसरा नंबर 698 में विशाल सिंह पुत्र छतर सिंह का खेत है। उसके खेत से सड़क मार्ग के लिए खसरा नंबर 696 में गैर मुमकिन रास्ता दर्ज है, जो अमीना के खेत के पास से गुजरता है और करीब 12 से 14 फीट चौड़ा है। अतिरिक्त 6 मीटर रास्ते की मांग इसके बावजूद विशाल सिंह ने दावा किया कि सड़क तक पहुंच के लिए पर्याप्त रास्ता नहीं है और उसने अमीना के खेत से जोड़कर 6 मीटर चौड़ा अतिरिक्त रास्ता दिलवाने का परिवाद पेश किया है। आरोप है कि इससे उसे खेत से सड़क तक और चौड़ा रास्ता मिल जाएगा। आरआई की मौका रिपोर्ट में विरोधाभास आरआई पूरन सिंह ने मौका रिपोर्ट में बताया कि राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार रास्ता होने पर अन्य रास्ता नहीं दिया जा सकता, लेकिन मौके पर यह रास्ता अब बरसाती नाले जैसा हो गया है और बारिश के समय यहां पानी बहता है। साथ ही रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि मौके पर यह रास्ता 12-14 फीट चौड़ा है और इसमें 6 मीटर और जोड़ने की प्रक्रिया पर विचार चल रहा है। पीड़िता ने रिपोर्ट को गलत बताया अमीना का कहना है कि आरआई ने गलत रिपोर्ट पेश कर मामले को उलझाया है। उसने कई बार एसडीएम और तहसीलदार को ज्ञापन देकर अपनी व्यथा बताई है। उसका कहना है कि रिकॉर्ड के अनुसार रास्ता मौजूद है, फिर भी उसे परेशान करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। 1 लाख 6 हजार का चेक आया, लेकिन स्वीकार नहीं किया रिपोर्ट के बाद अमीना के खेत से रास्ता देने के संबंध में 1 लाख 6 हजार रुपए का चेक भी आया, जिसे उसने स्वीकार नहीं किया। उसका कहना है कि यह विवादित प्रक्रिया के तहत दबाव बनाने की कोशिश है। एसडीएम को कई बार ज्ञापन, कार्रवाई की मांग पीड़ित पक्ष ने आहोर एसडीएम को कई बार ज्ञापन सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। वहीं राजस्व विभाग की रिपोर्ट और मौके की स्थिति को लेकर अब मामला विवाद में बना हुआ है।