टोंक समेत राजस्थान के सभी सरकारी स्कूलों में चल रही मिड डे मिल योजना के लिए राज्य सरकार ने नई गाइड लाइन जारी की है। अब स्कूल स्तर पर खाने की गुणवत्ता, साफ-सफाई और सुरक्षा पर पहले से ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। स्टूडेंट्स को पालक, मेथी, लौकी, धनिया जैसी हरी सब्जियों से तैयार पौष्टिक चपाती और सप्ताह में एक दिन मौसमी फल दिया जाएगा। खाना परोसने से पहले उसका स्वाद चखना जरूरी होगा और इसकी एंट्री टेस्टिंग रजिस्टर में करनी होगी। सभी स्कूलों में शुरू हुई तैयारी राज्य के सभी सरकारी स्कूलों के साथ जिले के स्कूलों में भी इन निर्देशों को लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। स्कूल शिक्षा एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई, रिकॉर्ड, एसएमसी की निगरानी और शिकायतों के जल्दी निपटारे को लेकर निर्देश जारी किए हैं। इससे प्रदेश के लाखों स्टूडेंट्स को पहले से ज्यादा पौष्टिक मिड डे मिल मिलेगा। तय गुणवत्ता का सामान ही होगा इस्तेमाल नई गाइड लाइन के अनुसार भोजन बनाने में सिर्फ तय गुणवत्ता वाला खाद्यान्न, दाल, तेल, मसाले और दूसरी सामग्री ही इस्तेमाल होगी। खाद्य सामग्री की खरीद, भंडारण और उपयोग के दौरान साफ-सफाई के सभी नियमों का पालन करना होगा। रसोईघर, बर्तन, पानी और खाना बनाने वाले कर्मचारियों की साफ-सफाई पर भी खास ध्यान देना होगा। खाना परोसने से पहले स्वाद चखना जरूरी स्कूल में खाना परोसने से पहले प्रधानाध्यापक या अधिकृत शिक्षक और एसएमसी सदस्य भोजन का स्वाद चखेंगे। इसकी एंट्री टेस्टिंग रजिस्टर में करना जरूरी होगा। स्टूडेंट्स को सिर्फ ताजा और गर्म खाना दिया जाएगा। बचा हुआ खाना दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। फोर्टिफाइड चावल और तय मेन्यू पर रहेगा जोर गाइड लाइन में फोर्टिफाइड चावल के इस्तेमाल, तय मेन्यू के अनुसार भोजन बनाने और खाद्यान्न की नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं। अगर खाद्यान्न या किसी दूसरी सामग्री की गुणवत्ता खराब मिलती है तो उसका उपयोग नहीं किया जाएगा और इसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दी जाएगी। एसएमसी करेगी निगरानी स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी), अभिभावकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की निगरानी को और मजबूत बनाया गया है। एसएमसी की नियमित बैठक होगी, जिसमें मिड डे मिल की गुणवत्ता, साफ-सफाई और व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। जांच में जो भी कमी मिलेगी, उसे तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही मिलने पर होगी कार्रवाई निर्देशों में साफ कहा गया है कि अगर किसी स्कूल में भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के भंडारण या संचालन में लापरवाही मिलती है तो संबंधित संस्था, कर्मचारी या एजेंसी के खिलाफ नियम के अनुसार कार्रवाई होगी। ब्लॉक और जिला स्तर के अधिकारी नियमित जांच करेंगे और रिपोर्ट तैयार करेंगे। शिकायतों का जल्दी निपटारा भी सुनिश्चित किया जाएगा। सभी अधिकारियों को दिए गए निर्देश शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रधानों को नई गाइड लाइन का 100 प्रतिशत पालन कराने के निर्देश दिए हैं। इन बातों पर रहेगा खास फोकस शिक्षक संघ ने फैसले का किया स्वागत शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा कि राज्य सरकार और आयुक्तालय मिड डे मील की ओर से कक्षा 1 से 8वीं तक के स्टूडेंट्स को ज्यादा पौष्टिक भोजन देने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही सप्ताह में एक दिन फल देने का फैसला भी अच्छा है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था की नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग भी जरूरी है।