डूंगरपुर जिले में चाइल्ड लाइन, सृष्टि सेवा संस्थान, धंबोला पुलिस और सीमलवाड़ा प्रशासन ने मिलकर बड़ी कार्रवाई की। बांकड़ा पंचायत क्षेत्र के नया गांव में दो नाबालिग भाई-बहन का बाल विवाह रुकवाया गया। टीम ने 14 साल की बालिका और उसके 15 वर्षीय भाई की शादी रुकवाकर परिजनों को पाबंद किया। सीमलवाड़ा एसडीएम विवेक गुर्जर ने बताया कि बाल अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित चाइल्ड लाइन को ग्राम पंचायत बांकड़ा के नयागांव में भाई-बहन के बाल विवाह की सूचना मिली थी। इस सूचना पर ग्राम विकास अधिकारी जितेंद्र मीणा, धंबोला पुलिस थाना से एएसआई छतर सिंह, चाइल्ड हेल्पलाइन से सुपरवाइजर कमलेश जैन, अनीता भील और सृष्टि सेवा समिति के जिला समन्वयक सुरेश होली के साथ एएनएम रेखा वाघेला की एक संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। टीम ने पाया कि घर में शादी की रस्में चल रही थीं और बालक-बालिका के शरीर पर हल्दी लगी हुई थी। परिजनों से पूछताछ करने पर पता चला कि बालक की शादी 18 अप्रैल को और बालिका की शादी 21 अप्रैल को होनी तय थी। जब टीम ने आधार कार्ड और मार्कशीट जैसे दस्तावेजों की जांच की, तो पुष्टि हुई कि बालिका की उम्र मात्र 14 वर्ष और बालक की उम्र लगभग 15 वर्ष थी। इसके बाद प्रशासन और पुलिस की टीम ने मौके पर मौजूद माता-पिता और अन्य परिजनों को बाल विवाह के कानूनी परिणामों के बारे में विस्तार से समझाया। टीम की समझाइश के बाद परिजनों ने अपनी गलती स्वीकार की और लिखित में शपथ ली कि जब तक बच्चे कानूनी उम्र के नहीं हो जाते, वे उनकी शादी नहीं करेंगे। मौके पर उपस्थित अधिकारियों और परिजनों के हस्ताक्षर के साथ पंचनामा तैयार कर बाल विवाह को सफलतापूर्वक रुकवा दिया गया।