नरपत अपने मकान को अपशकुनी मानता था। वह घर बदलना चाहता था। वह कहता था कि इस घर को लेते ही पिताजी की मौत हो गई। मेरे शरीर में भी गांठे बन रही है। आस पास कोई रिश्तेदार भी नहीं रहता। कहीं और मकान लेना चाहता हूं ताकि सबके पास रह सकूं। ये बातें पाली में सामूहिक सुसाइड करने वाले परिवार के रिश्तेदार मनमोहन ने कही। मनमोहन ने कहा कि नरपत अपने घर को अपशकुनी मानता था। कहता था कि घर 2024 में लिया था। इसके 7 दिन बाद ही पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मां भी बीमार रहने लगी है। मेरी बॉडी में गांठ हो रही है और दिल में भी छेद है। ऐसे में परेशान हूं। वहीं सुसाइड करने वाले दो बेटों और मां का शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद पुलिस ने बेटी को जब मां के गहने दिए तो वह सिसक पड़ी। बोली- भगवान ये क्या कर दिया। ईश्वर ने मेरे साथ ऐसा क्यों किया। मैं अब अकेली क्या करूंगी, मेरा क्या होगा। पढ़िए पाली के पॉश इलाके में सामूहिक सुसाइड की ये रिपोर्ट… सुसाइड वाले दिन 3 लोगों को घर बुलाया था पुलिस की जांच में सामने आया कि नरपत ने सुसाइड वाले दिन 8 अप्रैल को अपने मौसेरे भाई लक्ष्मण और चचेरे भाई राजेश और पड़ोसी सौरभ को घर पर शाम को बुलाया था। सभी से ये भी कहा था कि फोन नहीं लगेगा दरवाजा खटखटाना। तीनों को एक समय पर घर बुलाना नरपत की प्लानिंग का हिस्सा था ताकि उनके सुसाइड के बारे में परिवार वालों को पता चल सके। लक्ष्मण और राजेश तो आ गए थे,लेकिन नरपत ने दरवाजा नहीं खोला। इस आखिरी बातचीत का एक ऑडियो भी सामने आया है। पढ़िए नरपत की आखिरी बातचीत नरपत- कहां हो? लक्ष्मण- गांव हूं नरपत- कौनसे गांव? लक्ष्मण- पाली ही आ रहा हूं नरपत- कितने बजे तक आ जाओगे? मुझे अस्पताल में भर्ती करवाना है। मां को एक रिश्तेदार के यहां छोड़ा है। किसी की तबीयत खराब है। आप मुझे अस्पताल में भर्ती करवा कर चले जाना। लक्ष्मण- फिर आपके पास कौन रहेगा? नरपत- मैंने मेरे चाचा के लड़के रमेश को बुला लिया है। 7 बजे आ जाना, फोन में बैटरी नहीं है। बंद हो सकता है, सीधे घर आना। घर को अपशकुनी मानता था नरपत नरपत के मौसी के दामाद मनमोहन ने बताया- एक महीने पहले नरपत उनके पास आया था। बोला कि बॉडी में गांठ हो रही है और दिल में भी छेद है। ऐसे में परेशान हूं। घर 2024 में लिया था। इसके 7 दिन बाद ही पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मां भी बीमार रहने लगी है। मनमोहन ने उस समय नरपत से कहा था कि डॉक्टर से सलाह लो और जरूरत हो तो ऑपरेशन भी करवाओ। मनमोहन कहते हैं- मार्च 2024 में पिता की मौत के बाद से वह डिप्रेशन में था। वहां आसपास कोई रिश्तेदार नहीं रहता इसलिए मकान बेच कर सुंदर नगर की तरफ मकान लेना चाहता था। वह कहता था कि सभी के साथ रहना चाहता है। गांठों को कैंसर मान रहा था नरपत मामले में सीओ सिटी मदन सिंह ने बताया- सुसाइट नोट नरपत ने लिखा कि उसकी मां को कैंसर है और उसकी बॉडी में भी गांठे हो रखी है, जो संभवत कैंसर की हो सकती हैं। ऐसे में मां और मैं कैंसर से मर जाएंगे। तो छोटे भाई रघुवीर की देखभाल कौन करेगा। इसलिए सुसाइड करने का निर्णय ले रहे हैं। देखिए अंतिम संस्कार की 2 तस्वीरें… तीनों शवों का हुआ अंतिम संस्कार पुलिस ने शुक्रवार को शांति देवी (59), नरपत (34) और रघुवीर (26) के शव पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए। शव सड़ गए थे, भयंकर बदबू आ रही थी। ऐसे में तीनों शवों को मॉर्च्युरी से पाली पंचायत समिति के सामने स्थित श्मशान घाट ले जाया गया। जहां तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। अब 3 पॉइंट में समझिए पूरा मामला 1. सामूहिक सुसाइड: पाली शहर के औद्योगिक नगर थाना क्षेत्र के जोधपुर रोड स्थित आशापुरा टाउनशिप में 9 अप्रेल की शाम करीब पांच बजे एक घर में शांति देवी और उनके दो बेटे नरपत लाल और रघुवीर की बॉडी मिली थी। जिनसे बदबू आ रही थी। 2. फंदा और जहर की बोतल: पुलिस को नरतप के पंखे के लटकने के सबूत मिले थे। तीनों के शव फर्श पर पड़े थे और फंदा लगाने के दौरान नरपत की बॉडी रस्सा टूटने से नीचे गिरी हुई थी। शवों के पास एक जहर की बोतल और सुसाइट नोट भी पुलिस को मिला। जिसे जब्त किया गया। 3. सुसाइड नोट: सुसाइड नोट में पिता की मौत और बीमारी के चलते डिप्रेशन की बात लिखी थी। नरपत एक ऑयल कम्पनी में काम करता था। बीमारी के चलते पिछले करीब 8 महीने से घर पर था। छोटा भाई रघुवीर विवेकानंद सर्किल के पास मोबाइल शॉप पर काम करता था। सुसाइड से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… सामूहिक सुसाइड: बड़े बेटे की बीमारी से परेशान था परिवार:दोस्त से कहा था- फोन मत करना, दरवाजा खटखटाना; जहर की बोतल भी मिली पाली की पॉश कॉलोनी में मां और दो बेटों ने सुसाइड कर लिया। बड़े बेटे नरपत लाल (34) की बॉडी पंखे से लटकी थी। मां शांति देवी (59) और छोटा बेटा रघुवीर (26) फर्श पर पड़े थे। (पढ़ें पूरी खबर) बंद मकान में मां और दो बेटों के शव मिले:घर से आ रही थी बदबू, दो दिन से गेट अंदर से बंद था, सुसाइड नोट मिला पाली में बंद मकान में मां और दो बेटों के शव मिले हैं। दो दिन से गेट अंदर से बंद था। पड़ोसियों को मकान से बदबू आने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। (पढ़ें पूरी खबर)