बांसवाड़ा जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम सुरेश प्रसाद ने रेप के मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी को 10 साल जेल और 1 लाख जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला 2021 का है। पीड़िता ने थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि जब वह अपने घर में सो रही थी, तब आरोपी ने गुपचुप घर में प्रवेश कर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य गरबा मंडल में गए हुए थे। आरोपी ने पीड़िता को शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। ​पुलिस ने अनुसंधान के बाद न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अभियोजन पक्ष ने मजबूती से अपना पक्ष रखा। 12 गवाह पेश किए थे अभियोजन की ओर से कुल 12 गवाह और 23 अहम दस्तावेज पेश किए गए। पुलिस जांच के दौरान पीड़िता के कपड़ों की FSL जांच और डीएनए (DNA) सैंपल को मुख्य आधार बनाया गया था। सरकार की ओर से लोक अभियोजक योगेश सोमपुरा ने मामले की पैरवी की।