मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को अजमेर रोड स्थित हीरापुरा बस टर्मिनल से राजस्थान रोडवेज की 144 नई ब्लू लाइन एक्सप्रेस बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य है। ऐसे में लोगों के आवागमन के लिए मजबूत और बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था जरूरी है। सरकार इसी दिशा में लगातार काम कर रही है और तीसरी बार रोडवेज के बेड़े में नई बसें शामिल की गई हैं। इस दौरान महिलाओं को 2500 हेलमेट भी बांटे गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये 144 बसें प्रदेश की जनता को समर्पित की गई हैं और लोगों को इनका अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि राजस्थान का कोई भी इलाका ऐसा न रहे, जहां रोडवेज बसों की सुविधा उपलब्ध न हो। ‘पहली बार रोडवेज मुनाफे में आई’ मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक राजस्थान रोडवेज घाटे में चलती रही, लेकिन अब पहली बार निगम मुनाफे में आया है। इसका सीधा फायदा कर्मचारियों और यात्रियों दोनों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अब रोडवेज के चालक, परिचालक और अन्य कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल रहा है, जबकि पिछली सरकार के समय छह से आठ महीने तक वेतन नहीं मिल पाता था।
मुख्यमंत्री ने उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने रोडवेज को घाटे से निकालकर मुनाफे तक पहुंचाने का काम किया है। इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। 22 डिपो में चलेंगी नई बसें रोडवेज की 144 नई ब्लू लाइन 3×2 एक्सप्रेस बसें प्रदेश के 22 डिपो को आवंटित की गई हैं। ये सभी बसें बीएस-6 मानक की हैं। इनमें मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, एलईडी गंतव्य डिस्प्ले, इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ECU), व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम (VLTS) और महिला सुरक्षा के लिए पैनिक बटन जैसी सुविधाएं दी गई हैं। कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा अभियान के तहत महिलाओं को 2500 हेलमेट भी वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और हेलमेट पहनकर वाहन चलाने की अपील की। यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी और पैनिक बटन नई ब्लू लाइन एक्सप्रेस बसों में यात्रियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। हर बस में दो सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे यात्रा के दौरान बस के अंदर की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। महिलाओं की सुरक्षा के लिए बस में पैनिक बटन की सुविधा भी दी गई है, ताकि आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके। महिलाओं के लिए रिजर्व सीटें, इमरजेंसी में आसान निकासी महिला यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बस की आगे की छह सीटें उनके लिए रिजर्व की गई हैं। इन सीटों को पिंक कलर से अलग पहचान दी गई है। वहीं, किसी दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पहली बार रोडवेज की सीटिंग बसों में साइड इमरजेंसी गेट के साथ रूफ पर दो हैच भी दिए गए हैं। रियल टाइम ट्रैकिंग से रहेगी बसों पर नजर नई बसों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम (VLTS) लगाया गया है। इसके जरिए बसों की रियल टाइम लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी और संचालन की लगातार मॉनिटरिंग होगी। इससे बसों की आवाजाही पर नजर रखने के साथ जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई भी की जा सकेगी।