सदर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हाइवे पर नाकाबंदी के दौरान 2265 किलोग्राम चोरी का एल्युमिनियम तार जब्त किया है, जिसकी कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने यह कार्रवाई धनेत कला के पास मिली, जहां उदयपुर से जयपुर की ओर जा रहे एक पिकअप वाहन और एक सेन्ट्रो कार को रोका गया। पिकअप में खाकी रंग के कागज से ढके हुए बड़े-बड़े बंडल रखे हुए थे। जब पुलिस ने कागज हटाकर देखा तो उसमें ताजा कटे हुए एल्युमिनियम तार भरे मिले। मौके पर ही पुलिस ने दोनों गाड़ियों को जब्त कर लिया और कार्रवाई शुरू कर दी। पूछताछ में सामने आया चोरी का माल और एस्कॉर्ट प्लान एसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस ने पिकअप और सेन्ट्रो कार में बैठे लोगों से मौके पर पूछताछ की तो सभी ने स्वीकार किया कि पिकअप में भरे तार चोरी के हैं। जांच में यह भी सामने आया कि सेन्ट्रो कार का इस्तेमाल पिकअप को एस्कॉर्ट करने के लिए किया जा रहा था, ताकि रास्ते में किसी तरह की पुलिस जांच से बचा जा सके। यानी यह पूरी वारदात योजना बनाकर की जा रही थी, जिसमें एक गाड़ी चोरी का माल ले जा रहा था और दूसरी गाड़ी उसकी निगरानी कर रहा था। पुलिस ने इसे संगठित तरीके से की जा रही तस्करी माना है और तुरंत सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया। 6 आरोपी गिरफ्तार, अलग-अलग राज्यों से जुड़े तार इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें अनिस (50) निवासी विदिशा, जैद (21) निवासी भगवन्तपुर, सलमान अली (33) निवासी कन्नौज, सोनू (27) निवासी इटावा, पवन (30) निवासी मुरैना और संजेस (39) निवासी कन्नौज शामिल हैं। यह सभी आरोपी मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के मूल निवासी है लेकिन सभी जयपुर रहते है। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर रही है कि यह तार कहां से चोरी किए गए थे और इन्हें कहां ले जाया जा रहा था। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। प्रारंभिक तौर पर यह सामने आया कि यह आरोपी फोन पर किसी से बात करने के बाद यह माल लेकर जयपुर पहुंचाने का काम कर रहे थे। एसपी के निर्देश पर चल रहा था विशेष अभियान जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह और थानाधिकारी प्रेम सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। पुलिस द्वारा पहले से ही नकबजनी और चोरी के मामलों में वांछित आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी अभियान के तहत नाकाबंदी की गई थी, जिसमें यह सफलता हाथ लगी।