टोंक में शिक्षकों ने ग्रीष्मकालीन अवकाश में की गई कटौती के विरोध में नाराजगी जताई। शिक्षकों ने बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचकर अतिरिक्त कलेक्टर को मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा। राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद (रेसला) के जिला अध्यक्ष बुद्धि प्रकाश चौधरी ने बताया कि सरकार का निर्णय शिक्षक हितों के खिलाफ है, जिसे वापस लेने की मांग की है। जिला मंत्री हरीराम मीणा बताया कि संघ द्वारा ज्ञापन के माध्यम से सरकार के सामने प्रमुख मांगें रखी गई हैं, इनमें ग्रीष्मकालीन अवकाश में की गई कटौती को तुरंत प्रभाव से करने, प्राचार्य द्वारा अधिकृत अवकाशों की संख्या केवल दो ही रखने, बकाया डीपीसी प्रक्रिया पूरी कर प्रधानाचार्य व उप प्रधानाचार्य की काउंसलिंग जल्द करवाने और उन्हें पदस्थापित करने की प्रमुख मांग है। साथ ही स्कूलों में स्टाफिंग पैटर्न को प्रभावी ढंग से लागू करने, कम नामांकन वाले स्कूलों को बंद करने की बजाय, वहां संख्या बढ़ाने के ठोस प्रयास करने, उप प्राचार्यों की रिव्यू डीपीसी करवाने की मांग सहित कई मांगे शामिल हैं। इस दौरान पूर्व जिला अध्यक्ष शिवशंकर श्यावत, जिला कोषाध्यक्ष महेंद्र, आदर्श कुमार शर्मा, मोहन पोसवाल, महिला मंत्री माया मीणा, सिंपल जैन, माया जाट, उनियारा ब्लॉक अध्यक्ष रामहेत मीणा , बंशी लाल मीणा, अशोक जैन, बलराज, राकेश बैरवा और हेमराज गुर्जर जैसे कई शिक्षक नेता और कर्मचारी मौजूद रहे। संघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी इन जायज मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।