टोंक जिले से करीब 50 किलोमीटर दूर आवां कस्बे के रहने वाले पंकज भट्ट को राज्यपाल ने सम्मानित किया है। पंकज ने राजस्थान यूनिवर्सिटी, जयपुर से संगीत विषय में तबला वादन (M.P.A.)में पहला स्थान हासिल किया है। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे़ ने राजस्थान विश्वविद्यालय के 35वें दीक्षान्त समारोह में गोल्ड मेडल और सर्टिफिकेट देकर उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति C. P. राधाकृष्णन थे और विशिष्ट अतिथि उपमुख्यमंत्री प्रेमचन्द बैरवा, राज्यसभा सांसद राधामोहन दास अग्रवाल आदि थे। तबला सीखने गांव से जयपुर आए पंकज को बचपन से ही शास्त्रीय संगीत का शौक था। गांव से 10वीं की पढ़ाई करने के बाद पंकज तबले की विधिवत ट्रेनिंग लेने जयपुर आ गए। यहां उन्होंने उस्ताद सलामत हुसैन खां से तबले की बारीकियां सीखीं। साथ ही 2019 से विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहा है। उन्होंने 2025 में तबला वादन में 4 वर्ष के ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री पूरी की है। पंकज दिवंगत तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन और गुरु उस्ताद सलामत हुसैन खां को अपना आइडल मानते हैं। पिता के अधूरे सपने को पूरा किया बेहद साधारण परिवार से आने वाले पंकज के पिता शिवराज भट्ट वंशावली लिखने का काम करते हैं। पिता को भी शास्त्रीय संगीत का शौक था, लेकिन परिवार की माली हालत अच्छी न होने के कारण वह अपनी संगीत शिक्षा पूरी न कर सके। आज बेटे के संगीत में गोल्ड मेडल हासिल करने पर पिता शिवराज को गर्व है कि उनके बेटे ने उनके अधूरे सपने को पूरा कर दिया।