सिरोही जिले में पिंडवाड़ा के नई झाड़ोली कस्बे में सिवेरा रोड पर स्थित सौर ऊर्जा संचालित पेयजल प्लांट पिछले 20 दिनों से तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़ा है। इस वजह से स्थानीय निवासियों और राहगीरों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। यह बोरवेल और सोलर प्लांट लगभग 5 साल पहले विधायक कोटे से निर्मित किया गया था। इसकी क्षमता 5000 लीटर की टंकी को सूर्य की ऊर्जा से स्वतः भरने की थी, जिससे बिजली कटौती के दौरान भी लोगों को ठंडा पेयजल उपलब्ध होता था। भीषण गर्मी में और बिगड़ सकते है हालात प्लांट मुख्य मार्ग (सिवेरा रोड) पर होने के कारण यहां से गुजरने वाले मुसाफिर भी अपनी प्यास बुझाते थे, जो अब पानी के लिए भटक रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने चिंता व्यक्त की है कि यदि इसे तुरंत ठीक नहीं किया गया, तो आने वाली भीषण गर्मियों में पेयजल की स्थिति और गंभीर हो सकती है। समाजसेवी जसवंत सिंह चौहान ने बताया, "इस प्लांट से क्षेत्र के सैकड़ों लोगों को लाभ मिल रहा था। 20 दिनों से ग्रामीण परेशान हैं। प्रशासन को जल्द से जल्द इसे ठीक करवाना चाहिए ताकि लोगों को इस समस्या से निजात मिल सके।" जल्द मरम्मत करवाने की मांग स्थानीय निवासियों ने विभाग और जनप्रतिनिधियों से खराब पड़े सोलर पैनल या मोटर की जल्द मरम्मत करवाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विधायक कोष से बनी इस सार्वजनिक संपत्ति का समय पर रखरखाव न होना लापरवाही का प्रतीक है, जिसका खामियाजा आम जनता भुगत रही है।