राजसमंद में गाडरी समाज विकास संस्था की ओर से जिला स्तरीय छात्रावास निर्माण के लिए चलाए जा रहे जनसहयोग अभियान को लगातार समर्थन मिल रहा है। संस्था ने अब तक समाजजनों के सहयोग से करीब 23 लाख रुपए जुटा लिए हैं। संस्था का कहना है कि हॉस्टल बनने से ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर स्टूडेंट्स को उच्च शिक्षा के लिए रहने की बेहतर सुविधा मिलेगी। जनसहयोग बढ़ाने के लिए संस्था अब जिलेभर में बैठकों का दौर भी शुरू करेगी। अब तक 23 लाख रुपए का सहयोग मिला गाडरी समाज विकास संस्था के जिलाध्यक्ष किशन लाल गाडरी (खेमाखेड़ा) ने बताया कि छात्रावास निर्माण के लिए पहले तहसीलों और अन्य राज्यों से करीब 10 लाख रुपए का सहयोग मिला था। इसके बाद उन्होंने कोलकाता, विशाखापट्टनम, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु, बीजापुर, बेलगावी, मैसूर, पणजी, कोल्हापुर और दिल्ली सहित कई शहरों का दौरा किया। इस दौरान प्रवासी समाजजनों ने 13 लाख रुपए का अतिरिक्त सहयोग दिया। इस तरह अब तक करीब 23 लाख रुपए की राशि जुट चुकी है। छात्रावास से स्टूडेंट्स को मिलेगा फायदा किशन लाल गाडरी ने बताया कि छात्रावास बनने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए सुरक्षित रहने की सुविधा और बेहतर माहौल मिलेगा। दौरे के दौरान मेवाड़ संभाग के अलग-अलग जिलों के प्रवासी समाजजनों के साथ शिक्षा, नशामुक्ति, सामाजिक कुरीतियों पर रोक, फिजूलखर्ची कम करने और सामूहिक विवाह सम्मेलन जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई। सितंबर में होगा जिला स्तरीय रक्तदान शिविर संस्था ने बताया कि सितंबर में संत श्री अमरा भगत जी के जन्मोत्सव पर जिला स्तरीय विशाल रक्तदान शिविर लगाया जाएगा। संस्था जल्द ही जिले के सभी चौखलों के पंच-पटेलों की बैठकें करेगी, ताकि छात्रावास निर्माण के लिए चल रहे जनसहयोग अभियान को और गति मिल सके।