जालोर जिले में गुरुवार को हुए भीषण सड़क हादसे में मां, बेटा-बेटी की मौत के एक दिन बाद परिवार के चौथे सदस्य 8 साल के मासूम की भी मौत हो गई। गंभीर घायल हुए सबसे छोटे बेटे राजू (8) ने उदयपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। परिवार में अब सिर्फ बहन जानवी(10) बची है, जो मामा-मामी के पास है। इससे पहले गुरुवार की रात करीब 9 बजे आहोर उपखंड के चूंडा गांव में एक ही चिता पर मां, बेटी और बेटे का अंतिम संस्कार किया गया, जिसे देखकर ग्रामीणों की आंखें नम हो गई। दरअसल, गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे रामसीन-भीनमाल स्टेट हाईवे पर रोडवेज बस और टेम्पो की आमने- सामने की भीषण भिड़ंत हो गई थी। हादसे में टेम्पो सवार मुथला कांबा निवासी ललिता देवी (42) पत्नी रमेश कुमार, उसके बेटे कैलाश (19) और बेटी सुमन कुमारी (17) की मौत हो गई। गंभीर हालत में छोटे बेटे राजू (8) को उदयपुर रेफर किया गया था, जहां शुक्रवार को उसने दम तोड़ दिया। बस भीनमाल से उदयपुर जा रही थी, जबकि टेम्पो भरूड़ी गांव के पास सामने से आ रहा था। हादसे में टेम्पो के परखच्चे उड़ गए थे। 8 महीने पहले हुई थी पिता की मौत SHO अरविंद कुमार ने बताया- टेंपो में 5 लोग सवार थे। घटना के वक्त टेम्पो ललिता का भाई पुरुषोतम चला रहा था। हादसा होते ही वह टेम्पो से कूद गया, जिससे वह बच गया। ललिता आंगनबाड़ी में सहायिका के पद पर काम करती थी। बेटा कैलाश किराए पर टैक्सी लेकर चलाता था। अब परिवार में सिर्फ एक बेटी जानवी बची है। थानाधिकारी ने बताया कि मां ने नवरात्रि में ही बेटे को नया टेंपो दिलाया था। परिवार रामसीन गांव में मंदिर दर्शन कर घर जा रहा था। इसी दौरान भीषण हादसे में टेम्पो के परखच्चे उड़ गए और परिवार के 3 सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, करीब 8 महीने पहले पिता की हार्ट अटैक से मौत हो चुकी हैं, जिसके बाद कैलाश ही परिवार की देखभाल करता था। हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… बस-टेंपो की भिड़ंत में मां, बेटा-बेटी की मौत:एक बच्चा गंभीर घायल, मंदिर दर्शन कर लौट रहे थे; नवरात्रि में ही खरीदा था टेंपो बस-टेंपो की भिड़ंत में मां, बेटा-बेटी की मौत:एक बच्चा गंभीर घायल, मंदिर दर्शन कर लौट रहे थे; नवरात्रि में ही खरीदा था टेंपो