भास्कर न्यूज | दौसा वन विभाग की ओर से जिले में महवा व सिकराय क्षेत्र में राम वाटिकाएं विकसित की जाएंगी। सरकार की हरी झंडी के बाद वन विभाग ने जगह चिन्हित कर एस्टीमेट भेज दिए हैं। अब जल्द ही बजट स्वीकृत होने की उम्मीद है। राशि स्वीकृत होने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू हो सकेगा। महवा के ठेकड़ा में 40 हेक्टेयर तथा सिकराय क्षेत्र के सरूंडला में 50 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जाने वाली राम वाटिकाओं को ईको टूरिज्म के रूप में विकसित किया जाएगा। इन्हें विकसित करने पर 2-2 करोड़ खर्च होंगे। यहां आने वाले लोगों के लिए विशेष ट्रैक बनाए जाएंगे। इन पर लोग ट्रेकिंग कर सकेंगे। राम वाटिका में हर्बल गार्डन, बटरफ्लाई गार्डन, लोटस पौंड जैसे आकर्षण विकसित किए जाएंगे। प्राकृतिक वातावरण के बीच लोगों को बैठने व विश्राम की सुविधा देने के लिए झोंपे बनाए जाएंगे। विभिन्न स्थानों पर कुर्सियां भी लगाई जाएंगी। वाटिका में हरियाली व प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। ट्रैक व उद्यानों के जरिए लोगों को प्रकृति के करीब लाने का प्रयास किया जाएगा। राम वाटिकाओं का विकास पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे क्षेत्र में ईको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। राम वाटिका के विकसित होने से क्षेत्र में ईको पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। आसपास के लोगों को वाटिका बनने के बाद घूमने के लिए स्थानीय स्तर पर स्थान मिल सकेगा। लोगों का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को मजबूत करने के साथ पर्यटन गतिविधियों को नई दिशा देगी। वाटिका में विकसित किए जाने वाले विभिन्न आकर्षण, हरियाली और सुविधाएं लोगों को आकर्षित करेंगी। इससे आसपास के क्षेत्रों के होटल, दुकानें और छोटे व्यवसाय भी लाभान्वित होंगे। वन विभाग ने बजट के लिए एस्टीमेट मुख्यालय भेजा वन विभाग की ओर से राम वाटिका के निर्माण कार्य कराने के लिए एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय को भेज दिए हैं। बजट स्वीकृति होने के बाद महवा के ठेकड़ा बाइपास और सिकराय के सरूंडला में राम वाटिका विकसित की जाएंगी। महवा के ठेकड़ा बाइपास के समीप 40 हेक्टेयर और सिकराय के सरूंडला में 50 हेक्टेयर भूमि को चिह्नित किया गया है। विभाग से बजट स्वीकृत होने के बाद टेंडर प्रक्रिया कर काम शुरू हो सकेंगे।