श्री रावल मल्लीनाथ जी के भव्य मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए निमंत्रण और जनसहयोग यात्रा शुक्रवार को धनवा, भाऊगिरी जी का मीठा और भाटा गांवों में पहुंची। इस दौरान क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधियों ने मंदिर निर्माण के लिए कुल 22.08 लाख रुपए देने की घोषणा की। यह यात्रा महंत नारायण गिरि महाराज और महंत गणेशपुरी जी महाराज के मार्गदर्शन में और हरिशचंद्र सिंह जसोल के नेतृत्व में चल रही है। तीनों गांवों में क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधियों ने इसका जोरदार स्वागत किया। क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधियों ने धनवा से 6 लाख 1हजार, भाऊगिरी जी का मीठा से 9 लाख 10 हजार और भाटा से 6 लाख 97 हजार की राशि देने का ऐलान किया। मालाजाल–तिलवाड़ा परिसर में बन रहा मंदिर संस्थान के सचिव सुमेर सिंह वरिया ने बताया कि मालाजाल–तिलवाड़ा परिसर में श्री रावल मल्लीनाथ जी का मंदिर बन रहा है। इसका प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव 2 सितंबर 2027 को होगा। यह यात्रा जनभागीदारी बढ़ाने के लिए गोपड़ी से शुरू हुई थी। शुक्रवार को यात्रा सबसे पहले धनवा, इसके बाद भाऊगिरी जी का मीठा और भाटा गांव पहुंची। तीनों स्थानों पर क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधियों से मिलकर मंदिर निर्माण और प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की जानकारी दी गई। साथ ही सर्व समाज से महोत्सव में सपरिवार सहभागिता का आह्वान किया। इस दौरान क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधियों ने अपने भाव के अनुरूप श्रद्धासुमन अर्पित करने की ओळियां लगाईं। धनवा गांव में 6 लाख 1 हजार की घोषणा धनवा गांव में श्रद्धासुमन अर्पित करने की घोषणा के तहत बींजराज सिंह पुत्र भैर सिंह ने 1 लाख 1 हजार, नारायण सिंह पुत्र जबर सिंह ने 31 हजार, जुगत सिंह पुत्र शिव सिंह ने 81 हजार, शैतान सिंह पुत्र विरध सिंह ने 51 हजार, हड़मत सिंह पुत्र विशन सिंह ने 31 हजार, कल्याण सिंह पुत्र कान सिंह ने 31 हजार, लाधु सिंह पुत्र पदम सिंह ने 25 हजार, आम्ब सिंह पुत्र पृथ्वीराज सिंह ने 51 हजार, बलवंत सिंह पुत्र हमीर सिंह ने 51 हजार, सुल्तान सिंह पुत्र ओख सिंह ने 51 हजार, हड़मत सिंह पुत्र खंगार सिंह ने 25 हजार, नरपत सिंह पुत्र छतर सिंह ने 51 हजार तथा उम सिंह पुत्र किशोर सिंह ने 21 हजार की राशि श्रद्धासुमन के रूप में अर्पित करने की घोषणा की। भाऊगिरी जी का मीठा में 9 लाख 10 हजार की घोषणा भाऊगिरी जी का मीठा में श्रद्धासुमन अर्पित करने की घोषणा के अंतर्गत छैल सिंह पुत्र भूर सिंह, शैतान सिंह, छोटू सिंह एवं समस्त भूर सिंह परिवार ने संयुक्त रूप से 2 लाख 11 हजार, मूल सिंह पुत्र मुकन सिंह, छत्तर सिंह एवं मुकन सिंह ने संयुक्त रूप से 1 लाख 51 हजार, जोध सिंह एवं पदम सिंह ने संयुक्त रूप से 1 लाख 25 हजार, नग सिंह, उदय सिंह, छत्तर सिंह, गजे सिंह एवं गंगा सिंह पुत्रगण सोहन सिंह ने संयुक्त रूप से 1 लाख 51 हजार, भंवर सिंह एवं सुजान सिंह ने संयुक्त रूप से 21 हजार, देवी सिंह, अर्जुन सिंह, दीप सिंह एवं सूर सिंह पुत्रगण बलवंत सिंह तथा समस्त परिवार ने संयुक्त रूप से 1 लाख 11 हजार, खंगार सिंह, तन सिंह, जेठू सिंह, गणपत सिंह, अनोप सिंह एवं समस्त धूकल सिंह परिवार ने संयुक्त रूप से 51 हजार, नरपत सिंह पुत्र भोपाल सिंह एवं गणपत सिंह पुत्र हरी सिंह ने संयुक्त रूप से 21 हजार, हड़मत सिंह पुत्र किशोर सिंह ने 11 हजार, भवानी सिंह पुत्र मंगल सिंह ने 5 हजार, सोहन सिंह एवं चैन सिंह पुत्रगण सुजान सिंह तथा स्वरूप सिंह पुत्र कान सिंह ने संयुक्त रूप से 21 हजार तथा नाग सिंह पुत्र जोर सिंह ने 31 हजार की राशि श्रद्धासुमन के रूप में अर्पित करने की घोषणा की। भाटा गांव में 6 लाख 97 हजार की घोषणा भाटा गांव में श्रद्धासुमन अर्पित करने की घोषणा के अंतर्गत नरपत सिंह पुत्र जोर सिंह ने 1 लाख 1 हजार, नारायण सिंह पुत्र खुमाण सिंह ने 1 लाख 11 हजार, अर्जुन सिंह पुत्र उम्मेद सिंह ने 2 लाख 1 हजार, गणपत सिंह पुत्र रतन सिंह ने 51 हजार, रिड़मल सिंह पुत्र रतन सिंह ने 31 हजार, भगवान सिंह पुत्र हिंदू सिंह ने 1 लाख 51 हजार तथा दिलीप सिंह एवं श्रवण सिंह पुत्रगण हरी सिंह ने संयुक्त रूप से 51 हजार की राशि श्रद्धासुमन के रूप में अर्पित करने की घोषणा की। हरिशचंद्र सिंह जसोल ने आभार जताया प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरिशचंद्र सिंह जसोल ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संत शिरोमणि श्री रावल मल्लीनाथ जी एवं श्री राणी रूपादे जी मालाणी की धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता एवं सांस्कृतिक एकता के प्रमुख आधार हैं। श्री रावल मल्लीनाथ जी के भव्य मंदिर का निर्माण मालाणी की गौरवशाली धार्मिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा श्री रावल मल्लीनाथ जी के शौर्य, पराक्रम, धर्मनिष्ठा एवं लोककल्याणकारी आदर्शों को भावी पीढ़ियों तक पहुँचाने का महत्त्वपूर्ण प्रयास है। श्री राणी रूपादे जी की भक्ति, समानता, सामाजिक समरसता एवं मानव सेवा की प्रेरणादायी परंपरा समाज को एकता एवं सद्भाव का संदेश देती है। उन्होंने धनवा, भाऊगिरी जी का मीठा एवं भाटा के क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधियों द्वारा व्यक्त श्रद्धा एवं उदारतापूर्वक श्रद्धासुमन अर्पित करने की घोषणाओं की सराहना करते हुए सर्व समाज से प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में अधिकाधिक सहभागिता का आह्वान किया। गांवों में जाकर श्रद्धासुमन अर्पित करने का आह्वान किया जाएगा इस यात्रा का उद्देश्य श्री रावल मल्लीनाथ जी द्वारा स्थापित मालाणी क्षेत्र के उन सभी गांवों तक पहुंचना है, जहां उनके वंशज एवं परिवारजन निवास करते हैं। यात्रा के दौरान इन गांवों में पहुंचकर उनसे मालाजाल–तिलवाड़ा में श्री रावल मल्लीनाथ जी के नवनिर्मित मंदिर के निर्माण के लिए उनके भाव के अनुरूप श्रद्धासुमन अर्पित करने का आह्वान किया जाएगा। आगामी प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की योजना पर विस्तार से चर्चा कर उनके माध्यम से संपूर्ण मालाणी क्षेत्र की छत्तीस कौम को इस ऐतिहासिक एवं भव्य प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में सहभागी बनने का आह्वान करते हुए आमंत्रित किया जाएगा।