भास्कर न्यूज | अलवर राज्य सरकार की राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) योजना जिले में बड़े स्तर पर असर दिखा रही है। वर्ष 2025-26 में 2 लाख 22 हजार 589 बच्चों की स्क्रीनिंग कर 12 हजार 121 बच्चों को उपचार उपलब्ध कराया गया, जबकि 34 बच्चों के जटिल ऑपरेशन निशुल्क कराए गए। मालाखेड़ा ब्लॉक की गुलपाशा, जो जन्म से कटे होंठ व तालु की समस्या से पीड़ित थी, अब सफल ऑपरेशन के बाद सामान्य जीवन की ओर बढ़ रही है। सीएमएचओ डॉ. योगेन्द्र शर्मा के अनुसार वर्ष 2025-26 में 14 हजार 814 बच्चों को रेफर किया गया, जिनमें से 12 हजार 121 को उपचार मिला। कुल 34 ऑपरेशन में 14 बच्चों के दिल में छेद, 12 के होंठ व तालु तथा 8 अन्य गंभीर बीमारियों के ऑपरेशन शामिल हैं। वहीं वर्ष 2024-25 में 7,747 बच्चों को उपचार और 31 बच्चों के ऑपरेशन किए गए थे, जो योजना की निरंतर सफलता को दर्शाता है। आंगनबाड़ी स्क्रीनिंग से पहचान, रेफरल से मिला नया जीवन गुलपाशा पुत्री अयूब खान की बीमारी आर्थिक तंगी के कारण लंबे समय तक अनदेखी रही। आरबीएसके टीम ने आंगनबाड़ी केंद्र पर नियमित जांच के दौरान बच्ची को चिन्हित किया और तत्काल रेफरल कार्ड बनाकर जिला अस्पताल भेजा। वहां से उसे जयपुर के निजी चिकित्सालय में रेफर किया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने निशुल्क ऑपरेशन कर कटे होंठ व तालु की समस्या को सफलतापूर्वक ठीक किया। गुलपाशा के माता-पिता ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे यह महंगा ऑपरेशन नहीं करा सकते थे।