शहर की यातायात व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की कवायद तेज हो गई है। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के परिवहन विशेषज्ञों ने जिला कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर यूडीए के कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान की समीक्षा की। बैठक में यातायात पुलिस, नगर निगम, यूडीए, रूडिप और टाउन प्लानिंग विभाग के अधिकारी शामिल रहे। सड़क गलियारों के सुधार, प्रमुख चौराहों के उन्नयन, फुटपाथ, साइकिल ट्रैक और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने पर चर्चा हुई, ताकि नागरिकों और पर्यटकों को बेहतर यातायात सुविधा और जाम से राहत मिल सके। बैठक में कलेक्टर गौरव अग्रवाल, निगम-यूडीए आयुक्त अभिषेक खन्ना, एएसपी सिटी उमेश ओझा, डीटीओ मुकेश डाड, सीआई आदर्श कुमार, निगम अधीक्षण अभियंता मनीष अरोड़ा, अधिशासी अभियंता अखिल गोयल, रितेश पाटीदार, डीटीपी विजय डामोर, सुचिता कोठारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। चौराहों सुधरेंगे, नॉन-मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट का खाका तैयार करेंगे शहर के लिए आवश्यक बसों की संख्या, आधुनिक बस डिपो, ई-बसों के संचालन तथा बसों में रियल टाइम व्हीकल ट्रैकिंग और यात्री सूचना प्रणाली लागू करने पर चर्चा हुई। साथ ही पूरे शहर में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस), पार्किंग अवसंरचना और मालवाहक वाहनों के डिजिटल प्रबंधन पर भी सहमति बनी। अभय कमांड सेंटर से जुड़ेगा आईटीएमएस बैठक के बाद एडीबी विशेषज्ञों ने अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का दौरा कर इसे भविष्य में आईटीएमएस से जोड़ने की संभावनाएं देखीं। इसके बाद प्रस्तावित ई-बस डिपो और प्रमुख यातायात गलियारों का निरीक्षण कर मौजूदा व्यवस्थाओं का आकलन किया। विभागों के समन्वय से उदयपुर में सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल मोबिलिटी सिस्टम विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।