भास्कर संवाददाता| टोंक हाल ही 11 अप्रैल को टोंक से ईसरदा बांध जाने के दौरान खस्ताहाल सड़क से गुजरने पर खफा हुए मुख्य सचिव के कार्रवाई के आदेश के बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) हरकत में आया और क्षतिग्रस्त सड़क पर शुक्रवार को मरम्मत और डामरीकरण का काम शुरू कर दिया गया। करीब 20 किलोमीटर की इस सड़क का 8 किमी का हिस्सा पीडब्लूडी ने बनवाया था। इसी पर मरम्मत का काम शुरू किया गया है। उल्लेखनीय है खस्ताहाल सड़क से गुजरने पर मुख्य सचिव ने पीडब्लूडी के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता को कार्रवाई के लिए मैसेज किया था। इस मामले में जिला प्रशासन ने भी नाराजगी जताई थी। इस सारे मामले को दैनिक भास्कर ने 14 अप्रेल के अंक में प्रमुखता से उठाया था। बताया जाता है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में वर्ष 2021-22 में बनी यह सड़क जून 2026 तक गारंटी पीरियड में है। मामला उछलने के बाद पीडब्लूडी के एसइ पी सी सैनी ने सम्ब​िन्धत फर्म के ठेकेदार से बात की। बताया जाता है कि ठेकेदार ने मरम्मत कराने को अपनी सहमति दी, और काम शुरू कर दिया। बताया जाता है कि गड्ढों को भरने के बाद उन पर डामर बिछाई जाएगी। क्वालिटी कन्ट्रोल पर विवाद जिस समय यह सड़क बनी उस समय टोंक के अधिशासी अभियंता वेदप्रकाश उपाध्याय थे। बाद में उनकी नियुक्ति मुख्य अभियंता (क्वालिटी कन्ट्रोल) के पास हो गई। पीडब्लूडी विभाग में चर्चा है कि क्वालिटी के नाम पर वेद प्रकाश उपाध्याय ने प्रदेशभर की करीब 100 सड़कों को उधड़वाकर वापस बनवाया है, लेकिन उनकी निगरानी में बनी सड़क की क्वालिटी उन्होंने नहीं जंचवाई। इस सारे मामले में वेद प्रकाश उपाध्याय और उनके शीर्ष अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उधर, पीडब्लूडी के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता ने बताया कि वेद प्रकाश उपाध्याय की भूमिका की भी जांच कराएंगे। ^ सड़क की मरम्मत का काम शुरू, मौका देखा है बमोर से बनेठा वाली सड़क पर पीडब्लूडी के हिस्से वाले 8 किमी लम्बाई की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। पीडब्लूडी के टोंक एसइ, अधिशासी अभियंता (क्वालिटी कन्ट्रोल) ने मौके का निरीक्षण किया है। मरम्मत का काम जल्द पूरा होगा। - नगेन्द्र, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, वृत टोंक