रेवाड़ी साइबर पुलिस ने धारूहेड़ा के सेक्टर-6 निवासी एक्स सर्विसमैन व उनकी पत्नी को 2 माह हाउस अरेस्ट कर 1.89 करोड़ रुपए की ठगने के केस में चार साइबर आरोपियों को अरेस्ट कर लिया है। आरोपी राजस्थान व मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक, राजस्थान के करौली निवासी रौनक जाटव, रिठौली के पंकज सैनी, मध्य प्रदेश के भिंड निवासी मानवेंद्र कौरव और दतिया परासी निवासी मानविंद्र को कोर्ट से एक दिन के रिमांड पर लिया गया है। इस साइबर ठगी गिरोह के बाकी सदस्यों का पता लगाया जा रहा है। 22 अप्रैल को दी थी शिकायत जांच अधिकारी ने बताया कि धारूहेड़ा के सेक्टर-6 निवासी एक्स सर्विसमैन राजपाल सिंह ने 22 अप्रैल को शिकायत की थी। जिसमें बताया कि 27 व 28 फरवरी को ट्रॉई से बताकर एक व्यक्ति ने उसे फोन किया। आईडी से गलत सिम लेने और न्यूड वीडियो-फोटो व एसएमएस भेजने की बात कहते हुए सिम बंद होने और मुंबई में केस दर्ज होने की बात कही। 3 मार्च से 20 अप्रैल तक डिजिटल अरेस्ट रखा ठगों ने हवाला कारोबारी से संबंध होने का केस दर्ज होने की बात भी कही। फिर नए नंबर से फोन कर खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर उसे डिजिटल अरेस्ट कर लिया। फिर उसे बचने के लिए अपने बताए नंबरों में पैसे ट्रांसफर करवाए। 3 मार्च से 20 अप्रैल तक उससे एक करोड़ 89 लाख रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए। एप डाउनलोड करवा, पैसे ट्रांसफर कराते रहे एक्स सर्विसमैन के मुताबिक उनके व पत्नी के फोन में सिग्नल एप डाउनलोड करवा किसी दूसरे से बात करने और घर से बाहर न निकलने की धमकी दी। इस दौरान आरोपियों ने उसकी प्रॉपर्टी को बिकवाकर उनकी राशि अपने खातों में ट्रांसफर करवा ली। उसे फर्जी कोर्ट, रसीद और हथियार भी दिखाए गए। रिश्तेदारों ने पहुंचकर बचाया आरोपियों द्वारा डिजिटल अरेस्ट करने से परेशान वृद्ध दंपती ने सुसाइड करने की सोच ली थी। इसी दौरान रिश्तेदारों के घर पहुंचे और पूरी कहानी सुनने के बाद उन्हें डिजिटल अरेस्ट करने की जानकारी दी। जिसके बाद मामले की शिकायत साइबर थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।