भास्कर न्यूज | किशनगंज कस्बे में पिछले कई माह से बारां, कोटा, शाहाबाद व शिवपुरी की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। रोडवेज व निजी बसों का कस्बे के बस स्टैंड पर आवागमन बंद होने से महिला यात्रियों को ज्यादा असुविधा हो रही है। हाईवे पर ही उतार देने से भीषण गर्मी में करीब ढाई किमी पैदल चलकर कस्बे में पहुंचना पड़ रहा है। गत दिनों हाईवे पर उतारने से एक एक गर्भवती महिला को भीषण गर्मी में पैदल ही कस्बे में आना पड़ा। इस रूट पर करीब 36 से अधिक रोडवेज व लोक परिवहन बसें संचालित हो रही हैं। कस्बेवासियों ने बस स्टैंड से बसों का संचा​लन किए जाने की विधायक सहित अधिकारियों से मांग की। वहीं सीएलजी बैठकों में कई बार यह मुद्दा उठाया। इसके बावजूद समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उधर, रोडवेज आगार के जिम्मेदार कस्बे में होकर बसों का नियमित संचालन होने की बात कर रहे हैं। वहीं यात्रियों सहित महिला यात्रियों ने कलेक्टर से समस्या के समाधान की गुहार लगाई है। ^मैं अभी अवकाश पर हूं। बारां डिपो की 2 बसें कस्बे में होकर चल रही हैं। बाकी बसें कोटा व बूंदी डिपो की हैं। इन बसों के लिए उनसे ही बात करें। - कुलदीप सिंह, आगार प्रबंधक बारां महिला यात्रियों ने बताई अपनी समस्याएं कस्बा निवासी कविता जैन का कहना है कि कस्बे में पिछले कई माह से रोडवेज बसों का आना बंद है। भीषण गर्मी में हाईवे पर जाकर बसों में बैठना पड़ा है। हाईवे पर धूप में खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। बसों को संचालन बस स्टैंड से होना चाहिए। सरोज पांचाल ने बताया कि हाईवे पर ही उतार देने से ढाई किमी पैदल चलकर आना पड़ रहा है। अकेली महिला के साथ घटना घटित हो सकती है। कलेक्टर से मांग है कि बसों को बस स्टैंड से होकर चलाया जाए। ममता सैनी ने बताया कि कस्बे की कई बेटियां कॉलेज पढ़ने बारां जाती हैं। उन्हें हाईवे तक जाने व वापस घर आने में परेशानियां उठानी पड़ रही है। थोड़ा भी लेट होने में चिंता सताने लगती है। हर्षिता चौधरी का कहना है कि कस्बे हाईवे पर पैदल जाना जोखिम भरा होता है। इस रूट की बसों को बस स्टैंड से चलाया जाए। ताकि यात्रियों को राहत मिल सके। गत वर्ष कलेक्टर तोमर के निर्देश पर ही शुरू हुआ था बसों का संचालन रोडवेज प्रबंधन पिछले कई वर्षों से कस्बे में होकर बसों का संचालन करने में रुचि नहीं दिखा रहा है। गत वर्ष कस्बे में हई उपखंड स्तरीय जनसुनवाई में आए तत्कालीन कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर से कस्बेवासियों ने बस स्टैंड से बसों का संचालन नहीं होने की शिकायत की। जिस पर कलेक्टर सिंह ने रोडवेज प्रबंधक को मोबाइल पर निर्देश देने के बाद कस्बे में होकर बसों का संचालन शुरू हो गया था। कुछ माह बाद फिर से बस स्टैंड पर बसों की आवाजाही बंद हो गई। गत वर्ष दुर्घटनाएं होने के कारण हाईवे से कस्बे में आने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया था। जिससे कस्बे में बसों का संचालन बंद हो गया। कस्बेवासियों की मांग पर करीब 15 पूर्व इस रास्ते को भी खोल दिया गया है। इसके बाद भी कस्बे में रोडवेज बसें नहीं आ रही हैं।