राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा की पहली पारी में मंगलवार को सामान्य ज्ञान (GK) का पेपर आयोजित किया गया। झुंझुनूं जिला मुख्यालय के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा समाप्त होने के बाद बाहर निकले अभ्यर्थियों ने पेपर को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। अभ्यर्थियों ने पेपर को बताया मॉडरेट से टफ परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि इस बार पेपर का स्तर मॉडरेट से टफ रहा। कई परीक्षार्थियों का कहना था कि पेपर में इतिहास और भारतीय राजव्यवस्था से जुड़े सवालों का दबदबा रहा, जबकि राजस्थान की कला एवं संस्कृति और शेखावाटी क्षेत्र से जुड़े प्रश्न नहीं पूछे गए। जसरापुर से परीक्षा देने आई अभ्यर्थी रीनू खन्ना ने बताया कि पेपर उम्मीद से थोड़ा कठिन रहा। उन्होंने कहा कि राजस्थान की कला एवं संस्कृति से जुड़े सवाल लगभग नहीं के बराबर थे, जबकि इतिहास से काफी संख्या में प्रश्न पूछे गए। उन्होंने बताया कि पूरे पेपर में झुंझुनूं जिले या शेखावाटी क्षेत्र से जुड़ा कोई प्रश्न नहीं था। दूसरे प्रयास वाले अभ्यर्थियों ने दी मिश्रित प्रतिक्रिया परीक्षार्थी सत्यपाल सिंह ने बताया कि कई सवालों की भाषा जटिल और उलझाने वाली थी, जिससे प्रश्नों को समझने में अपेक्षा से अधिक समय लगा। हालांकि उन्होंने कहा कि सभी सवाल निर्धारित सिलेबस के भीतर से ही पूछे गए थे। दूसरी बार परीक्षा दे रहे अभ्यर्थी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि अच्छी तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए पेपर औसत स्तर का था। उन्होंने कहा कि शेखावाटी क्षेत्र से जुड़े सवाल नहीं पूछे गए, जबकि राजस्थान के अन्य जिलों के इतिहास और भूगोल पर आधारित प्रश्न शामिल थे। भारतीय राजव्यवस्था के सवालों का रहा दबदबा अभ्यर्थी राजेश कुमार ने बताया कि पेपर हल करने के लिए पर्याप्त समय मिला, लेकिन कई सवाल लंबे थे, जिनके विकल्पों को समझने और सही उत्तर चुनने में समय लगा। उन्होंने कहा कि इस बार भारतीय राजव्यवस्था से जुड़े प्रश्न सबसे अधिक पूछे गए। परीक्षार्थी दिनेश कुमार ने पेपर को अपेक्षाकृत आसान और मॉडरेट स्तर का बताया। उन्होंने कहा कि अच्छी तैयारी के कारण उन्हें विश्वास है कि सामान्य ज्ञान का पेपर आसानी से क्लियर हो जाएगा।