भरतपुर जिले के रूपवास में उप जिला अस्पताल बनाने की घोषणा के बाद उसकी जगह को लेकर विरोध शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों ने शुक्रवार से SDM ऑफिस के बाहर धरना शुरू किया। उनकी मांग है कि अस्पताल कस्बे के पास बनाया जाए, ताकि रूपवास और आसपास के गांवों के मरीज आसानी से इलाज के लिए पहुंच सकें। कस्बे से 6 किलोमीटर दूर अस्पताल बनाने का विरोध एडवोकेट धीरज शुक्ला ने बताया कि राज्य सरकार ने रूपवास कस्बे को उप जिला अस्पताल दिया है। उनका आरोप है कि प्रशासन और कुछ लोग अस्पताल को कस्बे से करीब 6 किलोमीटर दूर नगला देविया में बनाना चाहते हैं। आने-जाने के साधन और रास्ते की समस्या स्थानीय लोगों का कहना है कि नगला देविया जाने के लिए पर्याप्त साधन नहीं मिलते और आने-जाने के लिए रास्ते की भी समस्या है। अस्पताल इतनी दूर बनने से मरीजों को इलाज के लिए पहुंचने में परेशानी होगी। लोग इस मुद्दे पर पहले भी आंदोलन कर चुके हैं, लेकिन नगर निकाय चुनाव के कारण आंदोलन स्थगित कर दिया गया था। टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की सूचना से बढ़ा विरोध स्थानीय लोगों के अनुसार, अब उन्हें सूचना मिली है कि अस्पताल बनाने के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है और इसे नगला देविया में ही बनाया जाएगा। उनका कहना है कि अस्पताल रूपवास और आसपास की ग्राम पंचायतों से दूर होने पर मरीजों को वहां पहुंचने में परेशानी होगी। बाजार पर असर पड़ने की आशंका धरना दे रहे लोगों का कहना है कि अस्पताल कस्बे से दूर बनने पर मरीज इलाज के लिए भरतपुर और आगरा जाना पसंद कर सकते हैं। इससे रूपवास के बाजार पर भी असर पड़ने की आशंका है। स्थानीय लोगों की मांग है कि अस्पताल कस्बे के पास बनाया जाए, ताकि मरीजों को इलाज मिलने में आसानी हो और स्थानीय बाजार भी प्रभावित न हो। इनपुट- अनिल, रूपवास भरतपुर