मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब मामले में शुक्रवार को मुख्य आरोपी रवि लखेरा को पकड़ लिया गया। बरायठा के जंगल में पुलिस और रवि के बीच फायरिंग हुई, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी। आरोपी रवि को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। इस पर 20 हजार का इनाम था। एसपी अनुराग सुजानिया ने पुष्टि की है। CM मोहन यादव ने दैनिक भास्कर से कहा- शराब कांड के एक आरोपी का शॉर्ट एनकाउंटर हुआ है। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। लगातार कार्रवाई हो रही है। जहरीली शराब पीने से अब तक 32 लोगों की मौत हो चुकी है। गुरुवार को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती 3 और मरीजों ने दम तोड़ा था। शुक्रवार को मुकेश पिता मुन्ना सिंह लोधी (25) ने भी दम तोड़ दिया। हालांकि, प्रशासन 18 मौतों की ही पुष्टि कर रहा है। 3 आरोपियों के 5 मकानों पर चल चुका बुलडोजर इससे पहले प्रशासन ने गुरुवार को 3 आरोपियों के 5 मकानों के अवैध हिस्सों पर बुलडोजर चलाया था। इनमें आरोपी मनीष लोधी, करणी सेना के संभागीय अध्यक्ष चंद्रभान सिंह राजपूत और आशीष साहू के निर्माण शामिल हैं। वहीं, पुलिस ने अब तक 33 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें रवि लखेरा समेत 18 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। एक आरोपी की मौत हो चुकी है, जबकि एक अस्पताल में भर्ती है। मामले में अभी 13 आरोपी फरार हैं। ये तस्वीरें देखिए… पुलिस पर की 3 राउंड फायरिंग एसपी अनुराग सुजानिया ने बताया कि आरोपी रवि लखेरा की लोकेशन बरायठा के जंगल में यूपी बॉर्डर के पास खैवाहा गांव में मिली थी। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो रवि अपने दो साथियों के साथ बाइक से भागने लगा। पुलिस ने घेराबंदी की तो रवि ने टीम पर तीन फायर किए, इनमें एक गोली पुलिस की गाड़ी में लगी। चेतावनी के बाद भी नहीं रुकने पर पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। एक गोली रवि के बाएं पैर में लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके दोनों साथी मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। अब समझिए शराबकांड में किसकी क्या भूमिका पुलिस जांच में शराब बनाने से लेकर गांवों तक सप्लाई करने तक कई लोगों की भूमिका सामने आई है। मामले में अब तक 33 आरोपी बनाए गए हैं। इनमें 18 गिरफ्तार, एक की मौत, एक अस्पताल में भर्ती है, जबकि 13 आरोपी फरार हैं। रवि लखेरा: शराब बनाने का मास्टरमाइंड रवि लखेरा मूल रूप से छतरपुर जिले के महोबा का रहने वाला है, लेकिन लंबे समय से उत्तर प्रदेश के ललितपुर की गंगापुरम कॉलोनी में रहता है। पुलिस के मुताबिक, वह अंतरराज्यीय शराब तस्कर है। MP, UP समेत अन्य जगहों पर उसके खिलाफ करीब 25 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें सबसे ज्यादा आबकारी एक्ट के हैं। पुलिस के मुताबिक, रवि को शराब बनाने और इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री की अच्छी जानकारी है। वह अपनी टीम के जरिए नकली शराब तैयार करवाता था और इसके लिए जरूरी सामग्री जुटाकर नेटवर्क तक पहुंचाता था। पुलिस जांच में उसे नकली शराब नेटवर्क की अहम कड़ी और मास्टरमाइंड बताया गया है। उसके लाइसेंसी शराब ठेकेदार मनीष लोधी उर्फ यशवंत सिंह से संपर्क थे। मनीष लोधी- लाइसेंसी ठेकेदार से नकली शराब नेटवर्क तक मनीष लोधी उर्फ यशवंत सिंह बरेठी शराब दुकान का लाइसेंसी ठेकेदार था। रवि से शराब बनाने का तरीका सीखा। लाइसेंसी कारोबार की आड़ में नकली शराब का धंधा शुरू किया। 11 अपराध दर्ज हैं, जिनमें 6 आबकारी एक्ट से जुड़े हैं। बंडा में सागर रोड स्थित उसका बार भी था, जिसे मामला सामने आने के बाद सील कर दिया गया। चंद्रभान उर्फ चंदू: शराब बनाने और सप्लाई का काम ततरवारा निवासी चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू पर नकली शराब बनाने और सप्लाई नेटवर्क का मास्टरमाइंड है। शराब तस्कर शिवान्जय राजपूत का रिश्तेदार है। इसके जरिए ही मनीष लोधी के संपर्क में आया। चंदू के मक्के के खेत में नकली शराब तैयार की गई थी। इसके खिलाफ 5 अपराध दर्ज हैं। शिवान्जय राजपूत: बनाने से सप्लाई तक भूमिका छापरी निवासी शिवान्जय राजपूत नेटवर्क में सक्रिय था। चंदू का रिश्तेदार और मनीष लोधी के संपर्क में था। शराब तैयार होने के बाद उसे आसपास के गांवों तक पहुंचाने में शिवान्जय, मनीष और चंदू की भूमिका रही। मक्के के खेत में बनी थी नकली शराब पुलिस के मुताबिक, जन्माष्टमी से करीब दो दिन पहले ततरवारा में चंदू के मक्के के खेत में नकली शराब तैयार की गई थी। रवि लखेरा और मनीष लोधी ने शराब बनाने की सामग्री उपलब्ध कराई। इसके बाद चंदू, शिवान्जय और मनीष ने मिलकर करीब 50 पेटी नकली शराब तैयार की। शराब को ‘सागर गोल्ड’ के नाम से आसपास के गांवों में सेल्समैन के जरिए सप्लाई किया गया। मौतें सामने आने के बाद सबूत मिटाने की कोशिश जहरीली शराब पीने से लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौतों का सिलसिला शुरू होने के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश की। करीब 20 से 25 पेटी शराब खेत में ले जाकर जला दी गई। शराब बनाने में इस्तेमाल सामग्री को नाले में बहा दिया। अब रवि की गिरफ्तारी से खुलेगा सामग्री का राज पुलिस के मुताबिक, नकली शराब बनाने के लिए सामग्री जुटाने में रवि लखेरा की अहम भूमिका थी। वह मनीष के साथ शराब बनाने की स्प्रेट, बारदाना, रेपर, लेवलिंग, पैकिंग, स्टीकर, मेथनॉल और एथेनॉल समेत अन्य सामग्री लाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह सामग्री कहां से खरीदी गई और ततरवारा तक कैसे पहुंची। पुलिस के मुताबिक, रवि और मनीष से पूछताछ के बाद इस नेटवर्क से जुड़े और तथ्य सामने आ सकते हैं। ……………………………………… यह खबरें भी पढ़ें 1. MP शराबकांड-3 और मरीजों ने तोड़ा दम सागर के बंडा में जहरीली शराब से मौतों के मामले में गुरुवार को बड़ा एक्शन हुआ। नगर पालिका की टीम, फोर्स के साथ वार्ड नंबर 11 और 12 में पहुंची। यहां मुख्य आरोपी और करणी सेना के संभागीय अध्यक्ष चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू और आशीष साहू के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया। पढ़ें पूरी खबर… 2. वॉन्टेड आरोपी ने शराब बनाने का फॉर्मूला बताया एमपी के सागर के बंडा में जिस जहरीली शराब से अब तक 31 लोगों की मौत हुई। ये जहरीली शराब बनाने में मुख्य मास्टरमाइंड अंतरराज्यीय वॉन्टेड रवि लखेरा का नाम सामने आया है। उसके ऊपर एमपी-यूपी में 25 केस दर्ज हैं। रवि, लाइसेंसी ठेकेदार मनीष लोधी उर्फ यशवंत सिंह लोधी के साथ मिलकर नकली शराब बनाने का काम कर रहा था‌। ततरवारा का दबंग चंद्रभान सिंह राजपूत और उसके परिवार के लोग मनीष से जुड़े थे। पढ़ें पूरी खबर… 3. 28 मौतों के जिम्मेदार बड़े अफसरों पर एक्शन कब? सागर के बंडा-शाहगढ़ में जहरीली शराब से मौतों का आंकड़ा 28 तक पहुंच गया है, लेकिन प्रशासन अब तक सिर्फ 15 मौतों की पुष्टि कर रहा है। दैनिक भास्कर ने प्रभावित गांवों और मृतकों के परिजन से जानकारी जुटाई तो मौतों की संख्या सरकारी आंकड़े से कहीं अधिक सामने आई। पढ़ें पूरी खबर…