भास्कर न्यूज | छीपाबड़ौद स्थानीय ग्राम पंचायत में पिछले 2 माह से वेतन नहीं मिलने से नाराज सफाई कर्मचारियों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। करीब 60 सफाई कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से सफाई कार्य का बहिष्कार कर कस्बे के प्रमुख चौराहों पर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि जब तक बकाया वेतन का भुगतान नहीं होगा आंदोलन जारी रहेगा। जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह सफाई कर्मचारियों ने सफाई कार्य बंद रखते हुए ग्राम पंचायत परिसर और मुख्य बाजार में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के कारण कस्बे की सफाई व्यवस्था पहले ही दिन प्रभावित नजर आई। कई स्थानों पर कचरा उठाव नहीं होने से गंदगी जमा होने लगी। सफाई कर्मचारी मुकेश कलोरिया, अशोक तेजी, अजय लखवाल, रोहित झावा, गौरीशंकर और प्रदीप ने बताया कि ग्राम पंचायत प्रशासन पिछले 2 माह से वेतन जारी नहीं कर पाया है, जबकि तीसरा महीना भी शुरू हो चुका है। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन भुगतान को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने गत 6 मई को एसडीएम, तहसीलदार, बीडीओ और प्रधान को ज्ञापन सौंपकर वेतन भुगतान की मांग की थी। साथ ही समय रहते समाधान नहीं होने पर हड़ताल की चेतावनी भी दी थी। इसके बावजूद प्रशासन स्तर पर कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। कर्मचारियों का आरोप है कि वेतन नहीं मिलने से आर्थिक संकट गहरा गया है। कई कर्मचारियों के सामने घर खर्च चलाने तक की समस्या खड़ी हो गई है। कर्मचारियों ने कहा कि महंगाई के दौर में बच्चों की पढ़ाई, राशन और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो रहा है। सफाई कर्मचारियों ने दावा किया कि पूर्व सरपंच सीमा जैन के कार्यकाल में वेतन भुगतान नियमित रूप से होता था और उन्हें कभी ऐसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी वेतन भुगतान में देरी होने पर पूर्व सरपंच गजेंद्र जैन और अन्य जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से समाधान निकाला गया था, लेकिन इस बार अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। सफाई कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार का असर कस्बे की सफाई व्यवस्था पर दिखने लगा है। बाजार क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो गंदगी और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वेतन भुगतान होने तक आंदोलन जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर उग्र प्रदर्शन भी किया जाएगा।