मेवाड़ के कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर के भंडार से निकली दान राशि लगातार बढ़ती जा रही है। सोमवार को चतुर्दशी पर खोले गए भंडार की गणना का दूसरा राउंड बुधवार को पूरा हुआ। दो राउंड की गिनती के बाद अब तक 16 करोड़ 60 लाख 83 हजार रुपए की दान राशि सामने आ चुकी है। हालांकि यह अंतिम आंकड़ा नहीं है। मंदिर प्रशासन के अनुसार अभी बड़ी मात्रा में नोटों और सिक्कों की गिनती बाकी है, जबकि सोने-चांदी के आइटम्स का वजन भी होना है। ऐसे में इस बार की कुल दान राशि में अच्छी बढ़ोतरी होना तय माना जा रहा है। दो दिन में 16 करोड़ से ज्यादा की गणना मंदिर मंडल के सदस्य पवन तिवारी ने बताया कि पहले राउंड में 10 करोड़ 11 लाख 83 हजार रुपए की गिनती पूरी हुई थी। बुधवार को दूसरे राउंड में 6 करोड़ 49 लाख रुपए और गिने गए। इस तरह अब तक कुल 16 करोड़ 60 लाख 83 हजार रुपए की गणना पूरी हो चुकी है। गिनी गई राशि को उसी दिन बैंक में जमा करा दिया गया। भंडार में अभी भी बड़ी संख्या में नोट, सिक्के और श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए सोने-चांदी के आभूषण मौजूद हैं। इनकी गिनती और वजन पूरा होने के बाद ही इस बार के भंडार का अंतिम आंकड़ा सामने आएगा। राजभोग आरती के बाद शुरू हुई गणना बुधवार सुबह मंदिर में राजभोग आरती के बाद भंडार की गणना शुरू की गई। मंदिर मंडल अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव की मौजूदगी में शाम तक लगातार नोटों की गिनती होती रही। पूरी प्रक्रिया मंदिर प्रशासन और बैंक अधिकारियों की निगरानी में की गई, ताकि हर चरण पारदर्शी तरीके से पूरा हो। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी प्रथम शिवशंकर पारीक, प्रशासनिक अधिकारी द्वितीय राजेंद्र सिंह, मंदिर एवं संपदा प्रभारी भेरू गिरी गोस्वामी, सुरक्षा प्रभारी गुलाब सिंह, बालभोग प्रभारी भेरूलाल गुर्जर, वरिष्ठ सहायक कालूलाल तेली, गौशाला प्रभारी गंगाराम गुर्जर, सहायक सुरक्षा प्रभारी बिहारी गुर्जर सहित मंदिर मंडल और विभिन्न बैंकों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। पूजा-अर्चना और दर्शन भी चलते रहे भंडार की गणना के बीच मंदिर की नियमित धार्मिक गतिविधियां भी पहले की तरह जारी रहीं। सुबह ओसरा पुजारी ने भगवान श्री सांवलियाजी का गंगाजल से अभिषेक कराया और आकर्षक श्रृंगार किया। इसके बाद राजभोग आरती हुई। दिनभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए मंदिर पहुंचते रहे। एक ओर भंडार में दान राशि की गिनती चल रही थी तो दूसरी ओर मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना का क्रम भी बिना किसी रुकावट के चलता रहा। मंदिर प्रशासन की ओर से अगले राउंड की गणना गुरुवार को की जाएगी।