सवाई माधोधपुर के शेरपुर-खिलचीपुर गांव में मंगलवार को अच्छी बारिश और खुशहाली की कामना को लेकर सदियों पुरानी परंपरा का आयोजन किया गया। ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ घास भैरू की सवारी निकाली। जिसमें पूरे कस्बे के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ घास भैरू स्थल पर उमड़ने लगी। सबसे पहले विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान से क्षेत्र में अच्छी वर्षा, समृद्धि और भरपूर फसल की प्रार्थना की गई। घांस भैरू की सवारी निकाली आयोजन के तहत रस्सियों की सहायता से गांव के युवाओं ने भारी-भरकम घास भैरू की सवारी को खींचने का प्रयास किया। हालांकि सवारी का वजन अधिक होने के कारण उसे आगे बढ़ाने में कठिनाई हुई। इसके बाद ट्रैक्टर की सहायता से घास भैरू की सवारी को पूरे कस्बे की गली-गली और मोहल्लों से होकर निकाला गया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में महिला, पुरुष, बुजुर्ग और युवा श्रद्धालु सवारी के साथ चलते रहे। जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर घास भैरू का स्वागत किया। सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे कस्बे में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। अच्छी बारिश के लिए परपंरा निभाई ग्रामीणों का मानना है कि यह परंपरा वर्षों नहीं बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही है। लोक मान्यताओं के अनुसार घास भैरू की सवारी पूरे गांव में निकालने से इंद्र देव प्रसन्न होते हैं, अच्छी बारिश होती है और खेत-खलिहानों में भरपूर पैदावार होती है। साथ ही पूरे वर्ष गांव में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। आस्था, परंपरा और लोक संस्कृति का अनूठा संगम बनी यह घास भैरू की सवारी आज भी ग्रामीण जीवन की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए हुए है। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने इस आयोजन को यादगार बना दिया और सभी ने क्षेत्र में अच्छी बरसात तथा खुशहाली की कामना की।