कोटा में जेईई की तैयारी कर रहे बिहार के समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर गांव 19 साल के सावन कुमार ने जेईई मेन में 99.1473246 पर्सेंटाइल स्कोर किया है और अब जेईई-एडवांस के लिए तैयारी कर रहा है। सावन ने बताया कि जब वह दो साल का था तब पोलियो से ग्रस्त हो गया था। इसके कारण दोनों पैरों में लगभग 70 प्रतिशत लोकोमोटर डिसएबिलिटी विकसित हो गई, जिससे चलने में कठिनाई होती है, अभी भी चलने में परेशानी होती है। इस शारीरिक स्थिति को कभी कमजोरी नहीं बनने दिया। सावन एक साधारण किसान परिवार से है। पिता प्रभु राय के पास अपनी खेती की जमीन नहीं है और वे बटाई पर खेती करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सावन की प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही एक स्कूल में हुई। बाद में प्रवेश परीक्षा में श्रेष्ठता साबित करते हुए बिहार के सिमुलतला आवासीय विद्यालय, जमुई में कक्षा 6 से 10 तक निशुल्क शिक्षा ली। कक्षा 10 की बिहार बोर्ड परीक्षा में मेरिट सूची में 10वां स्थान हासिल करने के बाद परिजनों ने इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए उसे कोटा में भेजने का निर्णय लिया। आईआईटी से कम्प्यूटर साइंस लक्ष्य कोटा में सावन को कोचिंग संस्थान की तरफ से अस्सी फीसदी की रियायत मिली। सावन का कहना है कि यह सहयोग उनके लिए बेहद जरूरी साबित हुआ। अगर यह सहायता नहीं मिलती, तो उनके लिए उच्च स्तर की तैयारी करना संभव नहीं होता। किसी भी प्रकार की शारीरिक कमी को अपनी कमजोरी न बनने दें। शिक्षा के माध्यम से खुद को सशक्त बनाएं और अपने व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें। जेईई मेन में प्रदर्शन के बाद अब सावन का अगला लक्ष्य जेईई एडवांस 2026 में सफलता हासिल करना है। वे देश के शीर्ष संस्थानों, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली या आईआईटी मद्रास में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करना चाहते हैं। भविष्य में वे सिविल सेवा में जाकर समाज के गरीब और जरूरतमंद वर्ग की सेवा करना चाहते हैं। परिवार ने किया मोटिवेट सावन ने बताया कि उनके जीवन में परिवार की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। परिवार ने भी हमेशा सामान्य जीवन जीने के लिए प्रेरित किया और कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि वे किसी तरह से पीछे हैं। चलने-फिरने में दिक्कत होने के बावजूद माता-पिता ने हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। हर परिस्थिति में उनका मनोबल बढ़ाया, जिससे सावन ने शिक्षा को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया।