कपड़ों की कतरनों से तैयार गुदड़ी और चादर, क्रोशिया से बनी कलाकृतियां, टेराकोटा उत्पाद और ऑर्गेनिक वस्तुएं। महिला उद्यमियों के हुनर और रचनात्मकता के अनूठे नमूने देखकर राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े अभिभूत हुए। उन्होंने महिलाओं की प्रतिभा और आत्मनिर्भर बनने के प्रयासों की सराहना की। ‘शक्ति वंदन’ मोबाइल ऐप को महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए उन्होंने महिलाओं को सुरक्षा के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। सेवायाम संस्था की ओर से बुधवार को सीतापुरा स्थित पोद्दार इंस्टीट्यूट में ‘शक्ति वंदन’ मोबाइल ऐप लोकार्पण एवं ‘शक्ति संवाद, उद्यम उत्सव’ आयोजित किया गया। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने ऐप का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में महिला उद्यमियों की प्रदर्शनी, निवेशकों से संवाद और कारोबार विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा प्रमुख आकर्षण रहे। हुनर को पहचान, कारोबार को विस्तार प्रदर्शनी में महिलाओं ने अपने हुनर और नवाचार की अनूठी झलक पेश की। कपड़ों की कतरनों से तैयार गुदड़ी और चादर, क्रोशिया से बनी कलाकृतियां, हस्तनिर्मित आभूषण, टेराकोटा उत्पाद और ऑर्गेनिक वस्तुओं ने अतिथियों का ध्यान आकर्षित किया। पारंपरिक और हर्बल पेय पदार्थों से जुड़े उत्पाद भी प्रदर्शनी का हिस्सा रहे। राज्यपाल ने महिला उद्यमियों के प्रयासों की सराहना करते हुए महिलाओं को सुरक्षा के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने ‘शक्ति वंदन’ ऐप की सुरक्षा सुविधाओं और डिजिटल शॉप की अवधारणा को महिलाओं के लिए उपयोगी बताया। महिलाओं के हुनर को बाजार और निवेश से जोड़ने वाली ऐसी पहल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में सहायक हो सकती है। पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प से प्रेरित पहल शक्ति वंदन अभियान की संयोजक एवं पूर्व महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लोकल फॉर वोकल’ और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प से प्रेरित होकर उन्होंने महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में यह पहल शुरू की है। स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक हुनर को प्रोत्साहन देना आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। महिलाओं के पास हुनर है, मेहनत है और कुछ नया करने का जज्बा है। जरूरत उन्हें सही मंच, बाजार, मार्गदर्शन और निवेश से जोड़ने की है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि महिलाओं के साथ मिलकर उनके हुनर को व्यवसाय में बदलने की दिशा में काम करें। उनके उत्पादों को बाजार मिले, उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिले और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें। ‘शक्ति वंदन’ अभियान इसी सोच के साथ महिलाओं को सुरक्षा, स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने का प्रयास है। निवेशकों से संवाद, महिलाओं ने साझा किए हुनर के अनुभव ‘शक्ति संवाद’ के तहत निवेशकों और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों ने महिला उद्यमियों से बातचीत की। उनके उत्पादों, कारोबारी योजनाओं और कारोबार विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा हुई। निवेशकों ने महिलाओं के उत्पादों में रुचि दिखाई और उन्हें नए बाजारों तक पहुंच बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई महिलाओं ने अपने अनूठे उत्पादों और स्वरोजगार की कहानियां साझा कीं। श्रीगंगानगर निवासी अकली देवी ने अपने उत्पादों की जानकारी दी, जबकि कोटा से आई कनिष्का ने क्रोशिया से तैयार वस्तुओं के बारे में बताया। रामसर क्षेत्र की नीतू शर्मा और सुशीला देवी ने भी अपने प्रोडक्ट के बारे में जानकारी दी। संतोष रावत ने भी अखबारों की पुरानी कतरनों से गमले तैयार करने के नवाचार की जानकारी दी। जयपुर की वंदना अग्रवाल ने ठाकुरजी की पोशाक बनाने की कला और इससे जुड़े अपने काम की जानकारी साझा की। निवारू की नीलम ने क्रोशिया से तैयार उत्पादों के बारे में बताया, जबकि सत्यभामा शास्त्री ने घर पर तैयार किए जाने वाले खमन-ढोकले के माध्यम से अपने खाद्य व्यवसाय की झलक दिखाई। इन प्रस्तुतियों ने बताया कि पारंपरिक हुनर, घरेलू कौशल और रचनात्मक सोच महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए रास्ते खोल सकती है। सुरक्षा और स्वरोजगार, एक ही ऐप पर ऐप की कार्यप्रणाली और विभिन्न सुविधाओं के बारे में डॉ संजय खंडेलवाल ने बताया कि ‘शक्ति वंदन’ ऐप में ‘डिजिटल शॉप’ की अवधारणा के माध्यम से महिला उद्यमियों के उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने की पहल की गई है। ऐप में ‘रक्षा’ फीचर भी शामिल है, जिसके जरिए महिलाएं जरूरत के समय महिला हेल्पलाइन 1091 और पुलिस हेल्पलाइन 100 से संपर्क कर सकती हैं। इसमें पांच विश्वसनीय संपर्क जोड़ने और एसएमएस के माध्यम से लोकेशन साझा करने की सुविधा भी दी गई है। कार्यक्रम में सांसद मंजू शर्मा ने महिला सशक्तीकरण और उद्यमिता को बढ़ावा देने के महत्व पर अपने विचार रखे। क्षेत्र सेवा प्रमुख शिवलहरी जी ने भी महिलाओं को आगे बढ़ाने और उनके हुनर को नए अवसरों से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। राष्ट्र सेविका समिति की संगीता जांगिड़ ने भी संबोधित किया। पोद्दार इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर सरगम पोद्दार ने महिला उद्यमियों की प्रतिभा और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के महत्व पर विचार रखे। पोद्दार ग्रुप के चेयरमैन आनंद पोद्दार ने राज्यपाल, अतिथियों, महिला उद्यमियों, निवेशकों और आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।