कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शुक्रवार को भाजपा को सलाह दी। उन्होंने कहा कि भाजपा को राहुल गांधी को गंभीरता से लेना चाहिए, क्योंकि पिछले कुछ महीनों में राहुल ने युवा मतदाताओं में पॉपुलैरिटी हासिल की है। थरूर एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि भाजपा ने राहुल पर ध्यान दिया है, इसलिए वह उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रही है। एक दिन पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने इसी कार्यक्रम में राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा था कि पता नहीं कब तक कांग्रेस अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश को दांव पर लगाती रहेगी। प्रोग्राम में थरूर ने कांग्रेस से अलग विचार रखने पर भी बात की, लेकिन कहा कि वे पार्टी की नीतियों का पूरा समर्थन करते हैं। थरूर की 5 बड़ी बातें; कहा- प्रदर्शन सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं 1. इमरजेंसी के दौरान विपक्ष एकजुट, आज भी वही: पीएम मोदी अक्सर इमरजेंसी और उसे खत्म किए जाने की बात करते हैं। इमरजेंसी कैसे खत्म हुई थी? विपक्ष के एकजुट होने से, जिसमें RSS और भाजपा समाजवादियों और वामपंथियों के साथ आए थे। सभी ने मिलकर इमरजेंसी लगाने वाली सरकार को हराया था। यह भारत का हालिया राजनीतिक इतिहास है, महज आधी सदी पुरानी बात है।” 2. भारत में फ्रांस जैसे प्रदर्शन नहीं, तुलना गलत: शांतिपूर्ण प्रदर्शन हर भारतीय नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हिंसा नहीं। फ्रांस में जो हो रहा है, उसे भारत के राजनीतिक क्षेत्र में कोई भी समर्थन नहीं देगा। मैं इसका समर्थन नहीं करता और न ही मुझे लगता है कि मेरी पार्टी हिंसा का स्वागत करेगी। 3. प्रदर्शन सत्ता परिवर्तन नहीं, सुधार के लिए: सरकार और चुनाव आयोग जवाबदेह बनें तो चुनाव व्यवस्था को फिर से साफ-सुथरा बनाया जा सकता है। किसी भी भारतीय नागरिक को अपने संवैधानिक मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। 4. नेहा बोरा से प्रदर्शन में ऊर्जा आई: अलग-अलग दलों का अपना महत्व है। ये दल अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं लेकिन नेहा बोरा हमारे खिलाफ प्रचार नहीं कर रही थीं। मुझे वह पसंद हैं। वे प्रदर्शन और आंदोलन में काफी ऊर्जा लाईं हैं। यह कांग्रेस के एक उदारवादी पार्टी होने और दूसरों को स्वीकार करने की बात है। यही विपक्षी एकता है। 5. अलग विचार रखना पार्टी की खिलाफत नहीं: मैं मतदाताओं के एक वर्ग का प्रतिनिधित्व करता हूं, अपनी पार्टी के लिए एक नेता के तौर पर प्रचार करता हूं और विदेश मामलों की संसदीय समिति का अध्यक्ष भी हूं। अलग विचार रखना पार्टी की खिलाफत करना नहीं होता है। पिछले 6 मामले, जब थरूर ने राहुल का बचाव किया… 5 सितंबर 2016: RSS से जुड़े बयान पर राहुल का समर्थन महात्मा गांधी की हत्या को लेकर राहुल गांधी के RSS संबंधी बयान का थरूर ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक साक्ष्य इस बात का समर्थन करते हैं कि नाथूराम गोडसे RSS से जुड़ा था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हत्या के समय तक गोडसे और उसके सहयोगी RSS छोड़ चुके थे। 4 दिसंबर 2017: वंशवाद के आरोप पर भाजपा को जवाब राहुल गांधी पर वंशवाद को लेकर भाजपा के हमले के जवाब में थरूर ने कहा कि भाजपा को पहले अपनी आंतरिक पार्टी व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने इसे दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने भीतर झांकने का मामला बताया। 17 मार्च 2023: लंदन में दिए बयानों पर माफी मांगने की जरूरत नहीं राहुल गांधी के ब्रिटेन दौरे के दौरान भारतीय लोकतंत्र पर दिए गए बयानों को लेकर भाजपा माफी की मांग कर रही थी। थरूर ने कहा कि राहुल ने ऐसा कुछ नहीं कहा जिसके लिए उन्हें माफी मांगनी पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल ने विदेशी देशों से भारत के लोकतंत्र में हस्तक्षेप करने की अपील नहीं की थी। 20 मार्च 2023: संसद में राहुल को बोलने का मौका नहीं देने का आरोप थरूर ने कहा कि सरकार राहुल गांधी को दोबारा सदन में बोलने का मौका नहीं देना चाहती, क्योंकि उनके बयान सरकार और उद्योगपतियों के संबंधों पर असहज सवाल उठाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल का मुद्दा उठाकर संसद में दूसरे सवालों पर चर्चा से बचा जा रहा है। 7 जून 2024: राहुल को लोकसभा चुनाव का ‘मैन ऑफ द मैच’ बताया लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद थरूर ने राहुल गांधी को ‘मैन ऑफ द मैच’ कहा। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल का लोकसभा में विपक्ष का नेता बनना सही साबित हुआ। 30 जनवरी 2026: राहुल को ईमानदार नेता बताया थरूर ने कहा कि राहुल एक ईमानदार नेता हैं और सांप्रदायिकता, नफरत तथा विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ लगातार आवाज उठाते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल के बारे में किसी अनुचित टिप्पणी से वह सहमत नहीं रहे हैं। -------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश को दांव पर लगाती रहेगी पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि दुनिया जहां नए ऑर्डर की तलाश में है। कुछ लोग भारत में डिसऑर्डर के सपने देख रहे हैं। कुछ लोग दुनिया में जाकर भारत को बदनाम कर रहे हैं। मोदी ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि पता नहीं कब तक कांग्रेस अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश को दांव पर लगाती रहेगी। पूरी खबर पढ़ें…