पुलिस का इकबाल खत्म हो रहा है। अब अपराधियों में खौफ नहीं रहा। गैंगस्टर और ब्लैकमेलरों का आतंक बना हुआ है। कारोबारी खौफजदा हैं और करोड़ों रुपए की फिरौती अपनी जान की सुरक्षा के बदले में पहुंचा रहे हैं। पुलिस को भी नहीं बताते। मुकदमा तक दर्ज नहीं कराते। सूत्रों के अनुसार सर्राफा कारोबारी को धमकी देने के मामले में पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। धर्मनगर द्वार के बाहर रहने वाले सर्राफा व्यवसायी जुगल नारायण सोनी को गैंगस्टर रोहित गोदारा के नाम से धमकी देकर 5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई थी। गैंगस्टर रोहित के खास गुर्गे वीरेन्द्र चारण ने परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस इस मामले में शुक्रवार को गैंगस्टर के गुर्गे विष्णु साध और बड़े सर्राफा व्यवसायी मनीष लांबा को जयपुर से बीकानेर लेकर आई और उनसे पूछताछ की। एएसपी सिटी चक्रवर्ती सिंह राठौड़, सीओ सिटी अनुज डाल और नयाशहर पुलिस थाने के एसएचओ सुरजीत सिंह ने लगातार दो दिन तक पूछताछ की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। ऐसे लोगों के नाम सामने आए हैं जो गैंगस्टर के खौफ के कारण उन्हें करोड़ों रुपयों की फिरौती दे चुके हैं और मुकदमे दर्ज नहीं कराए। पुलिस इसकी तस्दीक करने में जुटी है। इसके अलावा यह भी सामने आया है कि स्थानीय लोग बड़े कारोबारियों की जानकारी गैंगस्टर तक पहुंचा रहे हैं। इनमें वो लोग भी शामिल हैं जो पहले गैंगस्टर को फिरौती दे चुके हैं और बाद में अपना पीछा छुड़ाने के लिए दूसरे कारोबारियों के नाम गैंगस्टर तक पहुंचा रहे हैं। पूर्व में भी पुलिस और गुप्तचर एजेंसियों की जांच में इसका खुलासा हो चुका है। पुलिस डिटेन किए गए दोनों अभियुक्तों से दो दिन से पूछताछ कर रही है। कोटगेट थाने में दर्ज एक मामले में भी पुलिस को विष्णु की तलाश थी। उसके मनीष लांबा के ठिकाने पर मिलने से पुलिस लांबा के बारे में भी गहनता से छानबीन करने में जुटी है। पुलिस अधिकारी अभी अधिकृत रूप से कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ सालों से बीकानेर जिले में लॉरेंस और रोहित की गैंग लगातार सक्रिय रही है। बड़े कारोबारियों को लगातार धमकी देकर फिरौती मांगी जा रही है। इसके लिए कारोबारियों पर फायरिंग की घटनाएं भी कराई गई हैं। हैरानी की बात ये है कि गैंगस्टर के शहर में एक हजार से ज्यादा फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं, लेकिन के हाथ उन तक नहीं पहुंच पा रहे। गैंगस्टर की प्रमुख वारदातें व्यास कॉलोनी थाना क्षेत्र में कारोबारी के घर उसकी पत्नी की मौजूदगी में गुर्गे भेजकर धमकाया गया। रोहित गोदारा के भेजे आरोपी नामजद हुए। जेठू सिंह, पंकज नायक, रतन सिंह पलाना व किशन सिंह उर्फ मजूम को नामजद कर जांच आगे बढ़ाई है।
पूगल में जय प्रकाश ज्याणी ने 1 करोड़ की फिरौती नहीं दी तो उसके घर पर फायरिंग करवा दी। इस मामले में जितेंद्र सिंह और सुरेंद्र सिंह उर्फ ढोलू हरियाणा) के खिलाफ जानलेवा हमले व रंगदारी की धाराओं में कार्रवाई की गई।
श्रीडूंगरगढ़ में कारोबारी जगदीश तावणिया से 5 करोड़ की फिरौती मांगी। पुलिस ने पारीक चौक निवासी 22 वर्षीय माधव पारीक को नामजद कर पकड़ा।
नयाशहर थाना क्षेत्र में डॉ. श्यामसुन्दर अग्रवाल के घर देर घुसकर 25 लाख रुपये नकद और हर महीने 1 लाख रुपये की बंधी (मंथली) मांगी। इनकार करने पर दोपहर में उनके अस्पताल के चैंबर में घुसकर दोबारा जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मुख्य आरोपी विष्णु साध निवासी जस्सूसर गेट, अभिषेक पंवार, भवानी स्वामी को गिरफ्तार किया।
पिछले साल सितंबर में शार्दुल गंज निवासी सगे भाई और कारोबारी सुखदेव चायल और धनपत चायल को धमकाकर 5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी और नहीं देने पर उनके घर पर फायरिंग की गई।
व्यास कॉलोनी निवासी शेयर मार्केट कारोबारी पीयूष श्रृंगारी को धमकी देकर 5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई।
होटल,ज्वेलरी और घी व्यवसायी दीपक पारीक को धमकी देकर फिरौती मांगी
शहरी परकोटे में फिरौती के लिए एक कारोबारी जुगल राठी की कार पर फायरिंग की गई। गैंगस्टर रोहित का पता लगाने में पुलिस पूरी तरह विफल रही गैंगस्टर रोहित गोदारा का पता लगाने में बीकानेर की पुलिस पूरी तरह विफल रही है। उसका ठिकाना तक नहीं पता। फर्जी पासपोर्ट बनाकर दुबई भागने के बाद राजस्थान पुलिस की सिफारिश पर उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जून 2022 में जारी किया गया था। उसकी धरपकड़ के लिए इंटरपोल ने मार्च 2023 में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था, ताकि उसे दुनिया भर में यात्रा करने से रोका और गिरफ्तार किया जा सके। हाल ही में अभिनेता सलमान खान के घर के बाहर हुई फायरिंग मामले में संलिप्तता सामने आने के बाद मुंबई पुलिस ने भी उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस की कार्रवाई को आगे बढ़ाया है। पुलिस के पास कॉल इंटरसेप्ट करने की टीम ही नहीं है कानून प्रवर्तन एजेंसियां (पुलिस या जांच विभाग) अदालत या गृह मंत्रालय की अनुमति से ही कानूनी रूप से टेलीकॉम ऑपरेटर के माध्यम से संदिग्ध नंबरों के इंटरसेप्ट या टैप करती हैं। रोहित गोदारा जैसे गैंगस्टर को पकड़ने के लिए उसके संदिग्ध कॉल इंटरसेप्ट करना चाहिए। रोहित के परिवार, दोस्त, गुर्गों और उनके भी रिश्तेदारों के कॉल ट्रेस करने जरूरी हैं। इंटरसेप्ट की प्रक्रिया से टावर टू टावर एक रूट मैप बनता है, जिससे अपराधी तक पहुंचने में मदद मिलती है, लेकिन बीकानेर पुलिस के पास इस काम की एक्सपर्ट टीम ही नहीं है। शहर में कहां-कहां नशा बिक रहा है, कौन बेच रहा है, क्या DST को पता नहीं है? पर, सब टारगेट पूरे कर वाहवाही लूट रहे हैं। PHQ का आदेश है 45 वर्ष से अधिक उम्र वालों को फील्ड में नहीं भेजना है, लेकिन यहां SP ऑफिस में जवान लगा रखे हैं। थानों में ड्यूटी का कोई रोटेशन नहीं है। - ओम प्रकाश जोशी, रिटायर्ड आरपीएस