श्रीगंगानगर में व्यापारियों का आरोप है कि भारतीय खाद्य निगम (FCI) की लापरवाही और सांठगांठ से श्रीगंगानगर की धानमंडी में गेहूं की सरकारी खरीद बारदाना की कमी के कारण प्रभावित हो रही है। मंडी में फसल की समय पर तुलाई नहीं हो पा रही, जिससे किसान कई दिनों से इंतजार कर रहे हैं। व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि एफसीआई और कच्चा आढ़तिया संघ ने खुद की ही बारदाना वितरण कमेटी बना ली और रात में बड़े व्यापारियों को कट्टे दिए जा रहे हैं। वहीं एफसीआई और आढ़तिया संघ का कहना है कि व्यवस्था सही चल रही है। मंडी में पड़ी गेहूं की ढेरियां, तुलाई में देरी धानमंडी में जगह-जगह गेहूं के ढेर लगे हुए हैं। बारदाना नहीं मिलने से तुलाई रुक गई है। कई किसानों की फसल सड़कों पर पड़ी है और ढककर रखी गई है। ज्यादा समय तक खुले में रहने से फसल खराब होने का डर बना हुआ है। रात में बारदाना ले जाते बड़े व्यापारी व्यापारी विष्णु शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा- रात को बारदाना आता है और राजनीतिक पहुंच वाले बड़े व्यापारी और बड़े व्यापारी उसे ले जाते हैं। उनका आरोप है कि कुछ लोग एफसीआई अधिकारियों से मिलकर रात में ही कट्टे उठा लेते हैं, जबकि छोटे व्यापारी इंतजार करते रह जाते हैं। फसल पैरों तले खराब हो रही है, लेकिन किसी की सुनवाई नहीं हो रही। बारदाना वितरण पर सवाल, छोटे व्यापारी परेशान किसान विनोद जाखड़ ने बताया- 20 दिनों से गेहूं की तुलाई नहीं हो रही। भारतीय खाद्य निगम और कच्चा आढ़तिया संघ की बनाई कमेटी के बावजूद बारदाना का वितरण समान नहीं हो रहा। छोटे व्यापारियों को जरूरत के अनुसार कट्टे नहीं मिल रहे, जबकि बड़े व्यापारियों के पास हजारों कट्टे अतिरिक्त पड़े हैं। आरोप है कि कुछ बड़े व्यापारी अधिकारियों से मिलीभगत कर रात में ही बारदाना उठा लेते हैं। इससे छोटे व्यापारी इंतजार करते रह जाते हैं और किसानों की फसल की तुलाई भी प्रभावित हो रही है। किसान सस्ते दामों पर बेच रहे फसल किसान साब सिंह ने कहा- FCI ने कह दिया है कि खरीद का कोटा पूरा हो चुका है, आगे खरीद नहीं होगी। ऐसे में हमें मजबूरन कम दाम पर प्राइवेट में गेहूं बेचना पड़ रहा है। बाद में वही बड़े व्यापारी FCI अधिकारियों से सेटिंग करके सरकारी रेट पर बेच देते हैं। पूरा खेल छोटे व्यापारी और किसान को नुकसान पहुंचाने का है। किसान रविंद्र सिंह ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया- मेरी गेहूं की ढेरी 15 दिनों से मंडी में पड़ी हुई है। बारदाना नहीं मिल रहा। रोज सुबह आते हैं कि आज मिल जाएगा, कल मिल जाएगा, लेकिन कुछ नहीं हो रहा। सिर्फ बड़े व्यापारियों के लिए बारदाना आ रहा है। श्रीगंगानगर में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हो रही है। क्वालिटी इंस्पेक्टर केशव गुप्ता ने कहा- अब तक धान मंडी में 10 लाख 75 हजार,972 कट्टे वितरित हो चुके हैं और 4 लाख कट्टों की लिफ्टिंग हुई है। खरीद और लिफ्टिंग व्यवस्था पूरी तरह से सही है। कच्चा आढ़तिया संघ के अध्यक्ष रायसिंह कुलड़िया ने कहा- मंडी में बारदाना वितरण करने के लिए एक कमेटी बनाई गई है। जिसने बारदाना वितरण करने का क्राइटेरिया तय किया है। जिस व्यापारी ने पिछले साल 15 हजार क्विंटल गेहूं खरीद की है उसे 2 हजार कट्टे एक्स्ट्रा और जिसने 30 हजार क्विंटल खरीद की है उसे 3 हजार कट्टे वितरित किए गए हैं, ताकि समय पर उठाव हो और किसानों को परेशानी नहीं हो। लिफ्टिंग भी समय पर हो रही है। प्रभावित किसान और छोटे व्यापारी अब FCI के उच्चाधिकारियों से तुरंत हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा- यदि समय रहते बारदाना वितरण सुधारा नहीं गया और धांधली पर रोक नहीं लगाई गई तो MSP खरीद की पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी और हजारों किसान भारी नुकसान उठाएंगे।