सुप्रीम कोर्ट ने 859 पदों की एसआई भर्ती 2021 के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट के भर्ती रद्द करने के फैसले को बरकरार रखा है। वहीं चयनित अभ्यर्थियों को नोटिस जारी किए बिना एसएलपी खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एसआई भर्ती प्रक्रिया पेपर लीक से प्रभावित थी। इसे अदालत मंजूरी नहीं दे सकती। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने यह आदेश चयनित अभ्यर्थी पायल शर्मा व अन्य की एसएलपी पर दिया। एसएलपी में हाईकोर्ट के 4 अप्रैल 2026 के उस फैसले को चुनौती दी गई थी जिसमें एसआई भर्ती-2021 में बड़े पैमाने पर पेपर लीक व धांधली होने पर भर्ती को रद्द ही रखा था। चयनित अभ्यर्थियों की ओर से डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी व पी.एस. पटवालिया ने पक्ष रखते हुए कहा कि भर्ती में व्यापक स्तर पर पेपर लीक नहीं हुआ है। केवल 6.3% अभ्यर्थी ही दूषित थे। ऐसे में उनका सेपरेशन संभव है। इसके अलावा 838 अभ्यर्थी पहले ही नियुक्त होकर दो साल से सेवा दे रहे हैं, जिनके प्रशिक्षण पर भारी व्यय हुआ है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भर्ती में बड़े पैमाने पर पेपर लीक हुआ है और ऐसी स्थिति में दोषी और निर्दोष अभ्यर्थियों का सेपरेशन मौजूदा परिस्थितियों में संभव नहीं है। खंडपीठ ने नीट का हवाला देते हुए कहा कि उसमें 44 अभ्यर्थी ही पकड़े गए थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पूरी भर्ती रद्द की थी। इधर, कोर्ट ने केन्द्र व पीएसयू में कार्यरत रहे और भर्ती में शामिल अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने की छूट दी है। इन अभ्यर्थियों की ओर से कहा कि उन्होंने भर्ती में शामिल होने के लिए पूर्व की सेवाएं छोड़ दी थीं। लेकिन हाईकोर्ट के भर्ती रद्द करने के आदेश में उनके लिए स्पष्ट तौर पर कोई दिशा-निर्देश नहीं दिए हैं। मामले में केविएटर व मूल याचिकाकर्ता कैलाश चन्द्र शर्मा की ओर से सीनियर एडवोकेट जयदीप गुप्ता व अधिवक्ता हरेन्द्र नील ने कहा कि बड़े पैमाने पर पेपर लीक होने के चलते ही हाईकोर्ट की खंडपीठ ने भर्ती को रद्द ही रखा है। इसलिए एसएलपी खारिज की जाए। सुप्रीम कोर्ट चयनित अभ्यर्थियों की दलीलों को नहीं मानते हुए कहा कि पूरी भर्ती प्रक्रिया ही दूषित हो चुकी है। भास्कर इनसाइट - सरकार इस तरह भी राहत दे सकती है एसआई भर्ती 2025 : 2 लाख 21 हजार 448 अभ्यर्थियों की परीक्षा पर फैसला सरकार लेगी नियम संशोधित कर परीक्षा करा सकती है 1 सरकार 221448 छात्रों के लिए तीसरी पारी में परीक्षा करवाए। सरकार को पुलिस नियम,1989 में संशोधन करना पड़ेगा तथा बैक डेट से लागू होगा। इससे 713 छात्रों के हित भी सुरक्षित होंगे। सरकार द्वारा इस स्थिति के लागू करने की संभावना 50-50 है। 2 आयु सीमा में छूट देकर 2026 में नई भर्ती का हल्फनामा दे। पदों की संख्या 500-600 के बीच हो सकती है। बाद में इस भर्ती में पदों की संख्या 800-900 तक पहुंच सकती है। आरपीएससी का तर्क
भर्ती प्रक्रिया में बाधा आने की आशंका है, क्योंकि लगभग 7 लाख उम्मीदवार शामिल हो रहे हैं। इधर, आरपीएससी के चेयरमैन यूआर साहू का कहना है कि एसआई भर्ती को लेकर सरकार जो भी निर्णय करेगी, आरपीएससी उसी के अनुसार आगे की कार्यवाही करेगी। “एकल पीठ, डिविजन बेंच के बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा भर्ती रद्द रखना न्याय और पारदर्शिता की जीत है। रालोपा ने सड़क से सदन तक संघर्ष किया। इस फैसले से युवाओं का न्यायपालिका पर भरोसा और मजबूत हुआ है।”
-हनुमान बेनीवाल, सांसद, नागौर “एसओजी सहित अन्य एजेंसियों को पुख्ता सबूत दिए थे, लेकिन तत्कालीन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की और मामले को दबाया गया। हमारी सरकार ने नकल माफिया पर सख्ती की और दोषियों को गिरफ्तार किया।”
-डॉ. किरोड़ी मीणा, मंत्री, राजस्थान सरकार