रिकॉर्ड चार लाख रुपए प्रति किलो का इतिहास रचने वाली चांदी की चमक फीकी पड़ रही है। औद्योगिक मांग में कमी और निवेशकों के दूरी बनाने से मात्र 271 दिन में ही जयपुर में चांदी के भाव 4 लाख रुपए के रिकॉर्ड स्तर से 51% घटकर 27 अक्टूबर को 1.97 लाख प्रति किलो रुपए रह गए। चांदी ने 45 दिन में दो लाख से 4 लाख रुपए प्रति किलो का सर्वकालिक उच्चतम स्तर का सफर तय किया था। बाद में 271 दिन में ही भाव 2.03 लाख रुपए तक घट गए। सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी, जयपुर के अध्यक्ष कैलाश मित्तल के अनुसार चांदी में फिलहाल लॉन्ग-टर्म मंदी का रुख है। स्थानीय बाजार में चांदी के भाव और घटकर 1.85 से 1.90 लाख रुपए रहने का अनुमान है। जानिए, कीमतों में कमी आने के 4 बड़े कारण 4 लाख रुपए प्रति किलो का स्तर छूने के बाद बड़े संस्थागत निवेशकों और ट्रेडर्स ने बाजार से पैसा निकालना शुरू किया। इससे कीमत घटती चली गई। चीन और यूरोपीय देशों में आर्थिक सुस्ती से सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में चांदी की मांग में कमी आई है। कीमत 3 से 4 लाख के बीच पहुंचने से आम उपभोक्ताओं ने चांदी से दूरी बनाना शुरू कर दिया। इससे फिजिकल मांग घटी और कीमत पर दबाव बन गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से सोना-चांदी पर दबाव बढ़ा। इससे वैश्विक स्तर पर कीमत 55 फीसदी से ज्यादा गिर गई। 45 दिन मे ऐसे हुई दो लाख से चार लाख 17 दिसंबर 20252 लाख पार 2,06,000 6 जनवरी 20262.5 लाख पार 2,51,200 19 जनवरी 20263 लाख पार 3,00,000 29 जनवरी 20264 लाख रुपए पर पहुंचे फिर 271 दिन में 4 से 2 लाख ऐसे हुई कीमत 31 जनवरी 20263.5 लाख से नीचे 3,15,000 2 फरवरी 20263 लाख से नीचे 2,41,000 27 अक्टूबर 2026साल का न्यूनतम भाव 1,97,000